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Manju Rai

Inspirational

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Manju Rai

Inspirational

आग जलनी चाहिए

आग जलनी चाहिए

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किनारे क्यों बैठा तू ,

अपना धीरज खोये I

निराशा के अंधकार से ही ,

आशा की रोशनी का जन्म होय I

संजो ले मन की पूरी शक्ति ,

मंज़िल मिले कभी न जो हो अधूरी भक्ती I

विस्तृत ऊपर गगन विशाल है ,

बंद तेरी मुठ्ठी मेँ तेरी किस्मत कमाल है I

वक्त भी तेरा होगा ,

दांव भी तेरा होगा I

इतिहास के पन्नों मेँ ,

नाम भी तेरा होगा I

गर होंसले तेरे बुलंद होंगे ,

मन में बस जीत के धुन होंगे I

ये सब तब होंगे ,

जब आँखों में लक्ष्य औ मन मेँ ,

जुनुन की चिंगारी जलेगी I

और जब तक न मिले लक्ष्य ,

ये चिंगारी आग बन जलनी चाहिए I


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