Exclusive FREE session on RIG VEDA for you, Register now!
Exclusive FREE session on RIG VEDA for you, Register now!

Neha Singh

Drama


1  

Neha Singh

Drama


२०१९ का सच

२०१९ का सच

1 min 85 1 min 85

आज कल बस

धूप का प्रचलन है,


बारिश और हवाएं

तो रूठे हैं।


ये सब कसूर है,

ग्लौबल वार्मिंग का,


बेचारा इंसान तो शराफत से

तरक्की कर रहा है।


Rate this content
Log in

More hindi poem from Neha Singh

Similar hindi poem from Drama