STORYMIRROR

🤩ऋचा lyrics

Abstract Classics Inspirational

3  

🤩ऋचा lyrics

Abstract Classics Inspirational

माँ-रामबाण औषधि दवा

माँ-रामबाण औषधि दवा

1 min
349

स्कूल से घर आते ही निशा ने इधर उधर ढूंढना शुरू किया, रसोई में गई उधर भी नहीं थी, आंगन में गई उधर भी नही थी, बाथरूम में ढूंढ वहा भी नही थी, छत पे गई वहा भी नही थी..

कहा गई मां ऐसा सवाल उसने दादी से किया .. दादी बोली बाजार में गई है ,आति ही होगी.. सच,काम या स्कूल से आते ही माँ सामने हो तो सारी थकान जाती है।


Rate this content
Log in

Similar hindi story from Abstract