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Madan lal Rana

Abstract Inspirational

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Madan lal Rana

Abstract Inspirational

देश की शान तिरंगा

देश की शान तिरंगा

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अजेय रहे ये देश हमारा,

लहराये शान से तिरंगा प्यारा।

सर कटे मगर झुके नहीं यह

हो नित यही संकल्प हमारा।


तिरंगे की रक्षा की खातिर,

है वीर सपूतों ने अपना लहू बहाया।

होकर शहीद मां भारती के लालों ने,

तिरंगा देश का है शान से फहराया।


मुुुहब्बत तिरंगे से सोचकर नहीं की जाती,

उठो मौसम फिर वो सुुुहाना आया है।

रुत ऐसी आती नहीं है रोज-रोज 

चलो आज फिर तिरंगा शान से फहराने का दिन आया है।।


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