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Shubham Pandey gagan

Abstract

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Shubham Pandey gagan

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नवरात्रि

नवरात्रि

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आया है देखो दिन मनोरम

दर्शन करने आओ सब तुम

नवरात्रि का दिन है आया

मां का सबने दरबार बनाया

कलश रख व्रत करें सब

सबकी कामना पूरी करें अब

प्रथम शैल पुत्री कृपा करो

ब्रह्मचारिणी दुःख को हरो

चन्द्रघण्टा साथ रहें अब

कुष्मांडा घर भरें सब

स्कंदमाता कर्म सुधारें

कात्यानी प्रकृति सवारें

कालरात्रि दुस्टों को मारें

महागौरी रूप निखारें

नव दुर्गा कृपा करो अब

सारे संकट हरो अब

करूँ भक्ति बारंबार

हर लो मईया सारे विकार।


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