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Vijay Kumar parashar "साखी"

Inspirational

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Vijay Kumar parashar "साखी"

Inspirational

मातृभूमि का सहारा

मातृभूमि का सहारा

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हे मातृभूमि तेरा बड़ा सहारा है

तूने ही ये मेरा जीवन संवारा है

करता हूँ, मैं रात-दिन पूजा तेरी,

तू मेरी इन सांसो का एकतारा है


तेरा यशगान दुनिया गाती रहे

तेरा नाम फ़लक की पाती रहे

जैसे-जैसे आगे बढ़ रहा है,

जग वैसे-वैसे तेरी खुश्बु बढ़ती रहे


हम चाहे जिंदगी जीये चार दिन पर

सांसों से तेरी खुश्बु आती रहे

हे वतन तुझपे ये जीवन कुर्बान,

हर जन्म में तेरी गोद मिलती रहे


हे माँ जीये तेरे लिये, मरे तेरे लिये

माटी की महक मुझमे आती रहे

जब तक मेरे इस जिस्म में हैं दम,

तब तक तिरंगा यूँ ही लहराता रहे


हे मातृभूमि तेरा बड़ा सहारा है

गम के दरिया में दिया किनारा है

जब-जब भी बहुत दुःखी हुआ हूँ

तेरी आँचल का मिला सहारा है।


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