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Monika Baheti

Abstract Fantasy

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Monika Baheti

Abstract Fantasy

पहरेदार / चौकीदार

पहरेदार / चौकीदार

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दिन रात जागे जो.... 

सोए ना वो आधी रात.. 

आँखें हो उसकी जैसे दूरबीन....

उल्लू की तरह चारों ओर नज़र घुमाये... 

घर के वो चारों ओर चक्कर लाए.... 

हाथों में लिए लाठी मच्छर को भी मार कर वो भगाये....

नाम है उसका पहरेदार जो रात को भी पहरा लगाये....


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