वीर सपूत
वीर सपूत
वीर सपूतों की भूमि यह
भारत माँ कहलाती है
कितनी सदियाँ बीत गई है
दुनिया आती जाती है
सेना का है शौर्य देखकर
दुनिया थर थर थहराती है
देश की मिट्टी का तिलक
लगाकर सेना बढ़ती जाती है
ना जाने इस देश धरा पर
सैनिक कितने शहीद हुए
देश की अस्मत बची रहे
यह सेना बली बली जाती है
हर युग में होते हैं भगत सिंह
हर युग में सुभाष हुए
देश की ख़ातिर काम आए यह
सेना शस्त्र उठाती है
वीर सुभाष आज़ाद हिंद फ़ौज
आज़ादी हमें दिलाती है
भगत सिंह सुखदेव राज गुरु के
बलिदानों की भूमि
भारत माँ कहलाती है
नेहरू गांधी के आज़ादी
संघर्ष को सेना आगे बढ़ाती है
लाल बाल पाल के आगे
दुनिया शीश झुकाती है
वीर सपूतों की भूमि यह
भारत माँ कहलाती है।
