वह हाथ
वह हाथ
बेटी के विवाह के बाद, आज मंजू ऑफिस जा रही थी। थकावट के कारण उसकी आंखें लग गईं । बस में ब्रेक लगते ही खिड़की खुल जाती और तीखी ठंडी हवा, उसकी नींद तोड़ देती ।
" मैडम, हवा बहुत परेशान कर रही है आपको ! "-बगल में बैठा युवक बोला ।
"हाँ, और नींद भी ---।" -कहते कहते मंजू फिर उनींदी हो गई ।
किसी स्पर्श को महसूस कर; मंजू झटके से आगे की ओर झुकी ।
युवक का बढ़ा हुआ हाथ संम्हल पाता , उसके पहले ही,उसके गाल पर मंजू का हाथ -- "तड़ाक !"
