Pallavi PS

Romance Tragedy


4.8  

Pallavi PS

Romance Tragedy


समर सलोनी

समर सलोनी

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आप सबने वो गाना सुना होगा की.....

"हम लाख छुपाए प्यार मगर दुनिया को पता चल जाएगा,लेकिन छुप-छुप के मिलने से मिलने का मज़ा तो आएगा "

ये कहानी है समर और सलोनी की....

दोनों एक दूसरे से बिल्कुल अलग हैं।सलोनी बहुत हीं कम बोलने वाली लड़की है। वो दिखने में काफी मासूम है और उसकी हँसी बच्चों की तरह निश्छल है,जिस कारण उसे बार-बार देखने को जी चाहता है। वो बहुत सीधी सी है ।बच्चो की तरह उसमे कोई छल और कपट नहीं है ,बिल्कुल अलबेली सी है वो।उसके कुछ दोस्त हैं पर वो दोस्तों में ज्यादा उलझ कर नहीं रहती थी ।क्योंकि सलोनी की आधी दुनिया उसकी पढ़ाई थी। 

और वहीं समर खुले मिजाज के लड़के हैं।समर काफी डैशिंग और शौकीन हैं।समर की हँसी काफी खूबसूरत है उनकी हँसी को देख लगता है मानो उदासी भी खिलखिला के हँस दे।इसी वजह से वो काफी लड़कियों के क्रश हुआ करते थे।पर उन्हें इतनी फुर्सत कहाँ जो वो ध्यान दे उन लड़कियों पर ,क्योंकि उनकी दुनिया तो उनके दोस्तों से शुरू और उन पर ही खत्म होती थी, समर को ज़िन्दगी खुल कर जीने का सौक है।वो लड़के और लड़कियों दोनो से खुल कर बातें करते थे,पर हैरानी की बात ये थी कि जनाब को अब तक प्यार नहीं हुआ था।

समर और सलोनी एक ही जगह पढ़ते हुए भी एक दूसरे से काफी अनजान थे।पर सलोनी की नज़र जब भी समर पर पड़ती तो उसे ये एहसास होता था कि वो समर को बहुत अरसे से जानती थी,समर के आहट से हीं उसका दिल धड़क उठता था, उसे देखते ही सलोनी के होठों पर एक अलग सी मुस्कान खिल जाती थी।धीरे-धीरे दोनो की नज़रे मिलने लगी ,दोनो के रास्ते अलग होते हुए भी वो बार-बार आपस में टकरा जाया करते थे।

पर शायद समर को अबतक ये एहसास नही था की" प्यार का पैगाम लिए उनकी जिंदगी में कोई दस्तक़ देने आ रहा है"।

उनके ज़िन्दगी में एक प्यारा सा बदलाव आ रहा था।जिसके एहसास से दोनों खुश थे, सलोनी का प्यार समर के लिए पल-पल बढ़ते जा रहा था ,ये जाने बगैर की समर भी उस से प्यार करते है की नहीं ? वो समर से प्यार कर बैठी थी।

सलोनी का दिल बैचैन हो रहा था कि कब वो समर से ये सारी बातें बताएगी।कुछ दिन जैसे-तैसे बिता।

फिर एक दिन उनके कोचिंग में समारोह था,उसी दिन सलोनी ने अपने दोस्तों के मदद से समर का फ़ोन नम्बर लिया और घर आते वक्त रास्ते मे उसने समर को मैसेज किया और अगले ही दिन फोन करके उसे अपने दिल की बता दी।हालांकि उस वक़्त समर को यक़ीन नहीं था प्यार पर, लेकिन वो इस नए रिश्ते के आने से काफी खुश थे,उन्होंने सलोनी के इज़हार को अपना लिया।आखिर दो पंछी प्यार के पिंजरे में कैद हो ही गये। यकीनन वो पल और वो रात बेहद ही खूबसूरत था दोंनो के लिए।

जब हम पहली बार किसी के लिए प्यार महसूस करते हैं या प्यार करते है तो उसका एहसास सबसे खूबसूरत और अनोखा होता है।समर औऱ सलोनी के ज़िन्दगी में भी ये अनोखा पल हकीकत बन खुशी बिखेड़ रहा था।

धीरे-धीरे सलोनी और समर के बीच नजदीकियाँ बढ़ते जा रही थी दोनों बेहद खुश थे,दोनों एक दुसरे के प्यार को महसूस कर रहे थे।दोनों आपस मे मिलने लगे बातें करने लगे एक दूसरे को अच्छे से समझने लगे थे,अब समर को भी सलोनी से प्यार हो चुका था ,जबकि इन बातों पर किसी को भरोसा नहीं था कि समर कभी प्यार भी कर सकते हैं, पर समर ने जिस तरह से अपने दिल की बात अपने एक दीदी को बताई थी उस से या साफ जाहिर हो रहा था कि समर बहुत गहरे प्यार में हैं क्योंकि उनके बड़े भाई को कभी भरोसा हीं नहीं था कि समर किसी से प्यार-व्यार भी कर सकते हैं।

अब समर सलोनी के बीच प्यारी सी नोंक-झोंक हुआ करती थी जो की बेहद रोमांचक हुआ करता था। सब कुछ बहुत अच्छा चल रहा था दोनों के बीच कि अचानक उसके घर वालो को उनदोनो के बातचीत की भनक लग गयी,और सलोनी को काफी दिक्कत सहनी पड़ी इन सब के कारण। क्योंकि सलोनी के घर वालो को प्यार जैसे शब्दों से नफरत थी।पर सलोनी ने सबको समझाया की वो दोनों सिर्फ दोस्त हैं और कुछ नहीं। कुछ महीनों तक दोनों एक दूसरे से बात नहीं किये दोनो को अलग-थलग रहना पर रहा था क्योंकि उसके कोचिंग में सलोनी के पहचान के लोग साथ हीं पढ़ते थे। वो कहते हैं न ....

प्यार करना बहुत आसान होता है,पर उसे सबके नज़रो से बचा के रखना और निभाना बहुत मुश्किल होता है।सलोनी ने प्यार को दोस्ती का नाम देकर उस हालात को संभाल तो लिया पर वो समर से दूरी बर्दाश्त नहीं कर पा रही थी, इधर समर का भी यही हाल था।

बहुत दिन बीत गए तो सलोनी ने अपने सबसे करीबी दोस्त मायरा को अपनी सारी बातें बताई और मायरा ने समर से बात करने में उसकी मदद की।हर रोज़ सलोनी क्लास में मायरा के फ़ोन से समर से बातें किया करती थी।पूरे एक साल दोनों ने ऐसे ही गुजारा।

सालों बीत गए ऐसे हीं तो अब जाकर हालात में सुधार होने लगी। दोनो के इंतज़ार ने एक बार फिर से दोनों को साथ ले आया।

सच वक़्त कभी बता कर नहीं आता,चाहे वो वक़्त अच्छा हो या बुरा......

अचानक एक दिन सलोनी की बहन ने सलोनी को अपना फ़ोन दे दिया तो सलोनी सबकी नज़रो से बच कर समर से बाते करती थी ।फिर उसने फैसला लिया ।

नई शुरुआत...

समर और सलोनी ने अपने रिश्ते को नए सिरे से शुरु किया।समय बीतने के साथ दोनो का प्यार बहुत गहरा हो गया था एक दूसरे के प्रति।अब तो दोनों की दिल मे चाहत बढ़ गयी थी एक दूसरे के लिए कुछ दिनों में दोनों की पढ़ाई खत्म होने वाली थी और दोनों इसी चिंता में रहते थे कि क्लास खत्म होने के बाद दोनों एक दूसरे को देखेंगे कैसे ? कैसे मुलाकत हो पाएगी दोनो की ?क्योंकि परीक्षा का रिजल्ट आने तक सलोनी का घर से बाहर निकलना बहुत मुश्किल था।वो इतनी सीधी थी कि वो किसी भी बहाने से घर से नहीं निकल सकती थी।और वो घर से नहीं निकल पाती थी तो समर अक्सर उसके घर के रास्ते गुज़रा करते थे ताकि वो दोनों एक दूसरे को एक झलक देख सके। वो दोनों बस उस पलक झपकते वाली मुलाक़ात से हीं खुश हो जाया करते थे।दोनो के चेहरे पर जो मुस्कान आती थी उसे बयां करने को शब्द नहीं है।उनदोनों ने अपने प्यार के बहुत से हसीन लम्हें बुने है ।वो दोनों कभी सबके सामने तो नहीं मिल सकते या बात कर सकते थे पर छुप-छुप कर हीं सही दोंनो ने साथ मे दूर से बहुत सारे पल बिताये। 

समर ने सलोनी को खुश करने के लिए उसे अपने बड़े भाई से मिलवाया जो कि बहुत मुश्किल था क्योंकी उनके बड़े भाई बहुत हीं ज्यादा सख्त स्वभाव के थे,पर पल भर की नज़रों में हीं समर के भाई ने सलोंनी को परख लिया और उन्हें सलोंनी पसंद आई।भाई के सख्त स्वभाव के होते हुए भी समर ने सलोनी को खुश करने का मौका नहीं छोड़ा औऱ अपने भाई से उसे मिलवा हीं दिया हालांकि उनकी मुलाकात कुछ मिनट की हीं रही,पर कहते हैं न अच्छा पल भले हीं कुछ समय का हीं क्यों न हो,ज़िन्दगी भर के लिए वो हमारे पूरे ज़िन्दगी का सबसे खास पल और एक खूबसूरत याद बन जाता है।और सलोनी के लिए उन सबसे ये मुलाकात बहुत खास रही। फिर कुछ दिन बितते हीं सलोनी ने अपने एक दी एक साथ जॉब पकड़ा। उस जॉब के कारण सलोनी और समर एक दूसरे के साथ वक़्त बिता पा रहे थे।

कभी सलोनी रास्ते में समर के लिये कुछ लाया करती थी तो कभी समर सलोनी के लिए। मेरे नज़रिये से वो दिन बहुत खूबसूरत था सलोनी की ज़िंदगी में।हल्की सी ठंड थी मौसम बड़ा सुहाना था,फुहारों की बरसात हो रही थी आसमान से।समर जो कभी 12 बजे दिन से पहले नहीं जागते थे वो अब उस दिन सुबह से जागे थे उन्होंने सलोनी के लिए खुद से मैगी बना कर लाया था और वो सलोनी के लिए। समर से रात को हीं मेरी बात हुई थी और उन्होंने मुझसे कहा था कि दी कल सलोनी के लिये मैं कुछ ला रहा हूँ आप उसे मत बताना हालाँकि मुझे समझ नहीं आया की वो क्या लाएँगे मैं उस वक़्त नींद में थी। अगले सुबह समर ने मुझे फ़ोन करके आफिस से नीचे आने को कहा तो मैं सलोनी को साथ लेकर नीचे गयी ताकि उनदोनों की मुलाकात होजाये,तब समर ने मेरे हाथ मे मैगी से भरा लंच बॉक्स दिया और मुझसे कहा कि सलोनी लंच सही से नही करती इसिलए मैं उसके लिए बना कर लाया हूँ। ये सुनने के बाद सलोनी के होठों पर हल्की सी मुस्कुराहट खिली जिसे देख कर मैं वहाँ बहुत खुश हो गयी।मैंने उस दिन उन दोनों के नज़रो में जो एक दूसरे के लिए प्यार देखा शायद वो प्यार उस उम्र में मैने किसी को किसी के लिए एहसास करते नहीं देखा क्योंकि उस उम्र में तो ज्यादा तर लोग प्यार के नाम टेस्टिंग करते हैं एक दूसरे को ,पर सलोनी और समर का प्यार इनसब से पड़े था बहुत निश्छल और शुद्ध प्रेम था। दोनो के प्यार ने एकदूसरे को बदल दिया था। सलोनी के प्यार और देखभाल ने समर को बदल दिया था समर ने खुद को एक बेहतर इंसान बना लिए था,और सलोनी जो हिचकिचाती थी समर से मिलने में और घबराती थी लोगो के सामने समर से नज़रे मिलाने में पर सलोनी ने परिवार के साथ प्यार को संभालना सिख लिया।समर के जन्मदिन पर सलोनी ने समर के दोस्तों के साथ मिल कर समर का जन्मदिन बहुत शानदार तरीके से मनाया समर की ज़िंदगी का सबसे खूबसूरत पल रहा वो।दोनो हीं कोई कसर नहीं छोड़ते एक दूसरे को खुश करने में।भले हीं दोनो ने सबसे छुप कर अपने रिश्ते को संभाला और आज तक सब कुछ सम्भाल रहे हैं।

अब समर और सलोनी के रिश्ते को चार साल होने जा रहा है। समर और सलोनी रिश्ता टिकना बहुत मुश्किल था क्योंकी दोनो का स्वभाव एक दूसरे से बहुत अलग था दोंनो के बीच आज भी झगड़े होते हैं तो लगता है मानो ये रिश्ता तो आज के आज खत्म पर ऐसा नहीं होता,क्योंकि दोनों को बखूबी पता है कि कैसे रिश्तों को सम्भाला जाता है।आज चार साल बाद भी दोनों एक दूसरे से प्रतिदिन बात नहीं कर पाते है,आज भी समर सलोनी की आवाज़  सुनने के लिए बहुत दिनों तक प्रतीक्षा करते रहते है,तब जाकर सलोनी से किसी एक दिन बाते होती है ।समर सलोनी से बात करने को हर रोज़ राह देखते हैं ।और सलोनी हर रोज़ अपने परिवार से संघर्ष कर समर से बात करने की कोशिश करती है। दोनो के आज भी दूरी है,पर दोनो के रूह बेहद करीब है और प्यार बेइंतहा है।...सच जहाँ प्यार बेसुमार औऱ निःस्वार्थ होता है वहाँ चाहे कुछ भी हो कितनी भी मुश्किलें क्यों न आजाए ?पर प्यार अपने सारे बाधाओं को तोड़ कर, नोच कर अपने ज़िन्दगी से निकाल फेंक देती है,और अपने प्यार को कामयाब बनाती है। समर और सलोंनी भी यही कर रहे हैं । और एक दूसरे के साथ जीने के लिए हर मुमिकन कोशिश कर रहे हैं और आज साथ है बहुत प्यार से।

प्यार है तो बाधा भी है पर अगर हमारे पास हौसला हो ,तो हम उस एक इंसान के साथ रहने के लिए सारे बाधाओ को खत्म कर उनके साथ ताउम्र अपनी ज़िंदगी बिता सकते हैं क्योंकि दो लोग चाहे कितने हीं अलग क्यों न हो पर प्यार का भाव लोगों के स्वभाव को बदल कर एक दूजे से प्यार करने को मजबूर कर ही देता है।


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