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Rohit Verma

Drama

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Rohit Verma

Drama

प्रेम सीख

प्रेम सीख

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जब कोई प्रेम में होता है वह प्रेम रोगी होता है लेकिन जब वह प्रेम को प्राप्त करने में असफल होता है वहीं प्रेम रोग बन जाता है प्रेम किसी इंसान से हो सकता है या किसी जानवर से प्रेम तो प्रेम होता है।

किताबी प्रेमी भी होते है कुछ तो .खुद से प्रेम ये प्रेम तब होता जब आप दूसरों से उम्मीद लगाना बंद कर देते हो और खुद से ही प्रेम करना शुरू कर देते हो माता - पिता का प्रेम जब प्रेम की कमी लगे तो माता - पिता से प्रेम कर सकते हो. अपनी इच्छा से प्रेम ये प्रेम वह होता है जिसमें आप किसी कला में रुचि रखते हो. हर आदमी और औरत के पास एक दिल होता है दिल आप एक ही पर लगाओ हजारों दिल लगाने की कोशिश क्यों करते हो।

दोस्त का प्रेम ये प्रेम आप अपने दोस्तो से साथ कर सकते हो लेकिन ये प्रेम समूह में ही अच्छे लगते है। नकली प्रेम ये नकली प्रेम वह होता है जिसमें आप गलत साथी को चुन लेते हो। टूटा दिल कभी प्रेम नहीं कर सकता क्योंकि वह किसी से उम्मीद नहीं रखता।

भूखा प्रेम ये प्रेम वह होता है जिसमें इंसान को पाने की लालसा होती है और इसको वह किसी भी तरह से प्रेम को पाने की कोशिश करता है.

आंखो का प्रेम ये प्रेम दिखाई नहीं देता लेकिन इसको छवि प्रेम बोलते है जिसमें एक आदमी की छवि दिल में बस जाती है। तड़प प्रेम इस प्रेम में दिल तड़प उठता है और नफरत या किसी और संपर्क में आने से हिचकिचाहट करने लगता है।

चिपकू प्रेम ये प्रेम वह होता है जिसमें आदमी और औरत दोनों ही एक दूसरे से संपर्क में ज्यादा रहते हैैं. आप कौन से प्रेम में जी रहे हों ।


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