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Asima Jamal

Abstract

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Asima Jamal

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निडर लड़की

निडर लड़की

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"पकड़ो उसको..कहीं भाग ना जाये.."

"अरे!! अरे!! रुक निकाल क्या माल है तेरी बेग में.. गुंडों ने ज़बरदस्ती मेघा का रास्ता रोका।"

मेघा ने घबराते हुए कहा "कुछ नहीं..इसमे सिर्फ मेरे जीने का सामान है"

गुंडों ने छेड़ते हुए पूछा "ज़रा हम भी तो देखें क्या है, बताती है या छुरी निकालूं?? "

मेघा ने ठंडी सांस ली और कहा इसकी कोई ज़रूरत नहीं है साहेब छुरी तो मैं खुद लेकर निकलती हूँ।मैं फूल बेचती हूँ और अगर कोई ज़बरदस्ती करे तो छुरी चलाती हूँ।अब बताओ क्या फूल खरीदोगे या ज़ख़्म खाओगे??मैं आज की नारी हूँ फूलों के लिए फूल और काँटों के लिए काँटा हूँ।


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