नाइट शिफ्ट ड्यूटी में रियल हॉरर अनुभव
नाइट शिफ्ट ड्यूटी में रियल हॉरर अनुभव
मेरी कहानी में आपका स्वागत है:
कहानी:
नाइट शिफ्ट ड्यूटी का अनुभव - एक जवान लड़की की आत्मा जिसकी हँसी बहुत ही डरावनी थी।
मेरा नाम प्रीतम कलिता है।
एक दिन, शनिवार का दिन था, मैं अपने ऑफिस में नाइट शिफ्ट ड्यूटी पर था। मैं एक रेस्टोरेंट में नाइट चौकीदार का काम करता था। रेस्टोरेंट हाईवे के किनारे स्थित थी। उसके पास एक 100 साल पुराना पीपल का पेड़ थे, और उसके पीछे 500 मीटर की दूरी पर श्मशान घाट थे ।
उस दिन शनिवार था, मैं नाइट शिफ्ट पर था। रात के 1:30 बज रहे थे। मैं रेस्टोरेंट के आस-पास घूम रहा था। तभी किसी ने मेरा नाम लेकर मुझे पुकारा - "प्रीतम, प्रीतम" - 3 बार, पीपल के पेड़ के पास से।
जब मैं पेड़ के पास गया तो एक औरत मुझे देख कर मुस्कुरा रही थी, लेकिन कुछ बोल नहीं रही थी। उसने सफेद ड्रेस पहनी हुई थी। मैं उसके पास गया तो वो धीरे-धीरे हाईवे की तरफ पीछे जाने लगी।
तभी एक सुपर (तेज गाड़ी/बस) आ रही थी और वो औरत जोर से बोली "बचाओ मुझे" और हंसने लगी, फिर से बोली "बचाओ" और हंसने लगी और सुपर के नीचे गिर गई। लेकिन सुपर रुकी नहीं।
मैं जल्दी से उसके पास गया, लेकिन वहां कोई नहीं था। मेरे शरीर के बाल सीधे खड़े हो गए और मुझे एकदम ठंड लगने लगी।
5 मिनट बाद मैं वापस रेस्टोरेंट आया और देखा कि वो औरत फिर से मुझे देख कर मुस्कुरा रही है। तब मुझे लगा कि वो इंसान नहीं है, वो भूत है। मैं जल्दी से रेस्टोरेंट के अंदर आ गया। रेस्टोरेंट बंद था, रूम नंबर 1, 24, 23, 8 और 16 कस्टमर से भरे हुए थे, वो सब सो रहे थे, वहां कोई नहीं था जिससे मैं इस बारे में बात कर सकता।
मैं रेस्टोरेंट की टेबल पर बैठ गया। एक बार मैंने देखा कि वो लेडी मेरे बहुत करीब है, जब मैंने देखा तो वहां कोई नहीं था।
15 मिनट बाद मैंने देखा कि रेस्टोरेंट के कॉमन बाथरूम से आवाज आ रही है और कोई लगातार रो रहा है। जब मैं कमरे में गया तो वहां कोई नहीं था।
तब मैंने जल्दी से अपने मोबाइल में हनुमान चालीसा चलाई और भगवान का नाम लेने लगा राम, राम, राम। धीरे-धीरे मेरा डर बढ़ता ही जा रहा था, उस समय रात के 2:15 बज रहे थे। मैंने भगवान से प्रार्थना की और कहा, "हे भगवान प्लीज मुझे बचाओ और समय जल्दी निकाल दो।"
और टेबल पर बैठ गया और 5 मिनट बाद मुझे नींद आ गई।
अगली सुबह मैंने अपना अनुभव रेस्टोरेंट मैनेजर को बताया। तब उसने कहा, 5 साल पहले पीपल के पेड़ के पास एक औरत को किसी ने मार दिया था, उस समय यहाँ हमारा रेस्टोरेंट कुछ भी नहीं था। ऐसा ही अनुभव उसे भी हुआ था। जब मैंने लोकल लोगों से पूछा तो उन्होंने भी उस औरत की कहानी बताई, और कहा कि कभी भी अकेले पीपल के पेड़ के पास मत जाना।
धन्यवाद, ये नाइट शिफ्ट ड्यूटी का मेरा सच्चा अनुभव की कहानी है।

