Read #1 book on Hinduism and enhance your understanding of ancient Indian history.
Read #1 book on Hinduism and enhance your understanding of ancient Indian history.

Aanart Jha

Romance


4.3  

Aanart Jha

Romance


नादान इश्क़

नादान इश्क़

3 mins 126 3 mins 126

डियर मोनिका।

            शायद पता नहीं तुम्हें याद है या नहीं पर यह बात है क्लास फोर की मैं बहुत सीधा सा लड़का था । ऐसा सब कहते थे पर सीधे लड़कों के भी तो जज्बात होते हैं ना। प्यार और मोहब्बत खुशी और दर्द यह तो हर किसी को महसूस होता है तो कोई सीधा है इसका मतलब यह नहीं कि उसके पास जज्बात नहीं है । तुम उन दिनों हाइट में मेरे से कुछ ज्यादा थी पर उस वक्त यह सब फर्क कौन करता है। अच्छा तुम क्लास मॉनिटर भी थी शायद तुम को पता भी नहीं तुम मुझे अच्छी लगती थी। हर वक्त मैं कोशिश करता था तुम एक झलक मुझे देख लो पता नहीं पर तुम भी तो मेरा ख्याल रखती थी क्योंकि तुम तो पढ़ने में होशियार थी और मैं कमजोर। तुम्हें याद है ना तुमने मुझे कई सारे सवाल के जवाब एग्जाम में लिखवाए थे पढ़ते कैसे हैं याद कैसे करते हैं क्या पढ़ना है यह सब भी तो तुमने बताया था । अच्छा मेरे जो दोस्त थे वह मजाक उड़ाते थे खैर इससे किसको फर्क पड़ता था कि कोई क्या सोचता है उस उम्र में तो सब बच्चों की बात कह कर टाल देते हैं पर मैं कैसे टालता। खैर मुझे क्या पता था कि जब मैं फिफ्थ क्लास में जाऊंगा तो शायद स्कूल छोड़ना। पड़े अच्छा स्कूल छोड़ने का इतना दर्द नहीं था जितना कि तुम जैसे दोस्त से बिछड़ने का था। इसका जरूर अफसोस था पर एक बात तो थी तुम मेरे दिल के कोने में कहीं तो हो। वक़्त आगे बढ़ता चला गया पता ही नहीं चला । हम सब बेबस हो जाते हैं वक्त के आगे और इतना उलझ जाते हैं कि कुछ पुरानी तस्वीरें धुंधली होने लगती हैं पर फिर कहीं ना कहीं किसी ना किसी मोड़ पर जब कुछ घटनाएं घटी हैं जैसी मेरे साथ घटी। 10थ क्लास में आकर हुई एक लड़की से मेरी आंखें मिली नजरों से नजरें मिली और मैं फिर भी मै उसको अपना दूसरा प्यार कहता हूं पता है क्यों क्योंकि शायद पहला तो तुम ही थी तुम्हारी मुस्कुराहट मुझे याद है तुम्हारी शरारतें भी मुझे याद है वह तुम्हारा समझाना मेरे जहन में है तुम कहां हो मुझे तो पता नहीं वैसे भी 10 साल की उम्र में प्यार क्या होता है यह समझ नहीं होती। वह तो वह क्या था आज जाकर समझ कि कुछ तो था जो मुझे तुम्हारी ओर आज भी खींचता है। वक्त बहुत आगे निकल गया है अब मैं तुम्हारी बारे में सोचता हूं तो मुझे सिर्फ तुम्हारी वह बातें याद आती हैं। वह केयरिंग याद आती है तुम्हारा चेहरा मेरी नजरों से ओझल हो चुका है। या कहूं तुम्हारा चेहरा मुझे याद भी नहीं है और याद भी होता तो तुम आज वैसे ही थोड़ी ना होती क्योंकि मैं भी तो वैसा नहीं हूं। एक फोर्थ क्लास के बच्चे और 12th क्लास की लड़की के बीच में चेहरों का कितना फर्क आ जाता है खैर सीधा में तभी था सीधा में अभी हूं और कमजोर अब भी हूं बस तुमको दिल के एक कोने में कैद करके रख लिया है। हां तुम्हीं मेरी पहली मोहब्बत हो शायद तुमको पता भी नहीं तुम कौन हो कहां हो मुझको भी पता नहीं पर फिर भी तुम हो कहीं तो हो।


Rate this content
Log in

More hindi story from Aanart Jha

Similar hindi story from Romance