Abhishek Sharma

Abstract

4.3  

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मसाले की महक....

मसाले की महक....

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पूरी दुनिया के रशोई में आप को एक चीज जरूर मिलेगी, मसाले जी हा आप ने सही सुना ।

एक मसाले से जुड़ा किस्सा मेरी ज़िन्दगी में भी आया

मेरा नाम अभिषेक है, और ये किस्सा तब का है जब मुझे मसालों की ज्यादा समझ नहीं थी,

बारहवी कक्षा पास करने के बाद में अपनी तकनीकी शिक्षा प्राप्त करने जयपुर आया,

जयपुर, खुद में ही एक अलग पहचान रखता था।

यहां पर वो सब कुछ था, जो किसी की भी जैब खाली करवा दे।

खैर बड़ी मस्सकत के बाद सेक्टर 8 में मुझे एक अच्छा और सस्ता कमरा किराए पर मिल गया । अब बारी थी रूम को जमाने और आवश्यकता की चीजें खरीदने की तो में अपने एक जान एक जान पहचान वाले दोस्त के साथ में बिस्तर अपने रूम में जमा कर, रसोई के सामान खरीदने मार्केट निकल गया।

मार्केट में काफी भीड़ थी और हारे थके होने के कारण मैने अपनी आंखे कम भीड़ वाली दुकान नजर करने के लिए दौड़ाई

तभी मेरी नजर कोन में एक आंटी जी की छोटी सी दुकान पर पड़ी और में फटाक से दुकान पर पहुंच गया, थोड़ी जान पहचान के बाद आंटी कि मुझे सारा रसोई का सामान पैक कर दिया,

जब मेरा सामान पैक हो रहा था तभी एक सुरीली आवाज मेरे कानो में सुनाई दी, आंटीजी एक रामदेव हिंग की डिब्बी देदो

और आंटीजी ने जल्दबाजी मै मेरी कपड़ों में डालने वाली नील की डिब्बी उस लड़की को दे सी और उसकी हींग की डिब्बी मेरे पास आ गई l मुझे इस पूरे घटनाक्रम का कुछ ध्यान नहीं था।

जब मैने घर आकर सामान देखा तब मुझे पता चला।

सब कुछ निबटाने के बाद में मैने दाल रोटी बनाने की तैयारी करदी और जैसा जैसा मां ने समझाया था बिल्कुल वैसे वैसे रोटी और नमक हल्दी, मिर्ची, तेल सब कुछ लेकर खाना बना में लग गया। और तभी मुझे को हींग की डिब्बी दिखाई दी और जिज्ञासा से उसको खोल के देखा, उसने कुछ छोटी छोटी डली थी जिनमें से एक अजीब सी गंध आ रही थी, क्यू की इस से पहले मैने कभी ये नहीं देखी थी l तो मैंने मेरे पास बैठे दोस्त से पूछा कि ये क्या है तो उसने बताया कि ये हींग है इसको सब्जी में डाल ने से खुशबू और स्वाद दोनों बढ़ जाते हैं।

और ये बात सुनकर मैने 1 छोटा चम्मच हींग का डाल दिया

और फिर बस दाल और रोटी बनकर तैयार थी, लेकिन ये क्या पूरे रूम में एक अजीब सी गंध फैल गई और जब हम ने रोटी का पहला निवाला तोड़ कर खाया तो, मुह में जाते ही उल्टी होने लगी और हम दोनों जोर से टॉयलेट में भागे, फिर क्या था सारा खाया पिया बाहर निकल गया

वहीं पास में एक लड़की बर्तन साफ कर रही थी।

एक दम बॉलीवुड पिक्चर कि अभिनेत्री जेसी सुंदर नैन नक्ष तेज तलबार एक पल के लिए तो में सब कुछ भूल कर उसे है निहारता रहा और इतने, मे वो अपने बर्तन संभाल के अपने रूम में चली गई l मैं और मेरा दोस्त उस हींग के बारे में बात करने लगे।

और ये सब बाते वो लड़की अपनी छोटी सी खिडकी से सुन रही थी, शायद उसे ये सब पता था क्यू की ये कोई और नहीं भी दुकान पर हींग खरीदने वाली लड़की थी।

और हम दोनों दोस्त अपने रूम में अंदर चले गए।

और कुछ ही देर में उस लड़की ने हमारे रूम का दरवाजा खटखटाया और अपनी सुरीली आवाज में बोला कि में पूजा

इतना सुनते ही मेरे दोस्त ने दरवाजा खोल दिया।

और मेरी नजर उसके हाथ में पकड़े हुए डब्बी पर गई।

में कुछ बोल पता उस से उससे पहले ही वो बोल पड़ी कि आप की ये डब्बी गलती से मेरे पास आ गई थी।

फिर क्या था मैने बिना कुछ बोले वो आधी खाली हींग की डब्बी उस को लौटा दी और वो सब नजारा देख कर अपने कमरे में वापस लौट गई।

अब में और मेरा दोस्त सब्जी के बारे में सोच ही रहे थे कि फिर से पूजा की आवाज सुनाई दी, क्या में अंदर आ सकती हूं

और फिर इस बार मैने जल्दी से दरवाजा खोला ।

और वो बोली कि शायद आप की दाल में हींग ज्यादा डल गई।

और मैने केवल अपना सर हा के जबाव में हिलाया, और उसने मुझे एक बर्तन मेरे हाथ में थमा दिया। और प्यारी सी मुस्कान मुस्कुराते हुए चली गई।

फिर क्या हम दोनों दोस्तो ने बड़ी उत्सुकता में उस बर्तन में देखा तो उसमें पीले रंग की कढ़ी ( बेसन की सब्जी) थी

फिर क्या था हमने खाना खाया, और सो गए।

मुझे सुबह जल्दी उठ कर अख़बार पढ़ने का शौक था तो आदतन में सुबह उठकर पेपर लेने चौक में गया तो देखा कि पूजा पहले से ही पेपर पढ़ रही थी, शायद उसे भी पेपर पढ़ने का शौक हो

और जैसे ही मैने दो चार कदम बढ़ाएं, वो वो पेपर बंद कर के उठ है और बड़ी है सुरीली आवाज में good morning ) बोला

और मैने भी ( good morning ) बोला और फिर वो अपने रूम में चली गई,और में भी पेपर पढ़ने लगा

जब में पेपर पढ़कर उसने लगा तभी उसकी आवाज आई।

आप चाय पिओगे, मैने आप के लिए चाय बनाई है

और मैं ठहरा चाय का शौकीन तो मैने बिना देर किए झट से हां बोल दिया।

फिर उसने मुझे अपने कमरे में आने के लिए इशारा किया

में भी घबराता हिकिचाया सा उसके कमरे में घुस गया।

अंदर घुसते ही मेरी आंखे फटी की फटी रह गई

मैने आज तक ऐसा सलीख से जमा रूम किसी का नहीं देखा

एक कोने में गैस स्टोव और उसी से सटी दीवार के चोखाने म सारे रसोई के सारे सामान और सामने वाली दीवार पर राधा कृष्ण की तस्वीर और उसके नीचे मोटी मोटी किताबो की डेस्क

इतने में ही पूजा ने बोला चाय पिलो वरना ठंडी हो जायेगी

और मैने चाय का कप पकड़ा और चाय पीने लगा,

ऐसी चाय पी के मुझे घर वाली चाय की याद आ गई

क्या गजब की चाय थी, कम मीठी और अदरक इलाचाई वाली चाय l

अदरक और इलायची ये भी भारतीय रसोई में प्रयोग होने वाले मसाले है

और में चाय की चुस्कियों में खो सा गया था।

और फिर मैने चाय और रात को दी हुई सब्जी के लिए पूजा का शुक्रिया अदा किया और अपने रूम पर आ गया

और सब कुछ करने के बाद में आज में कॉलेज निकल गया

कॉलेज का पहला दिन बहुत यादगार था, लेकिन मेरे खयालों में तो अब भी पूजा का है चेहरा आ रहा था, मैं कॉलेज ख़तम होने का इंतज़ार बड़ी बेसब्री से कर था।

आखिर कॉलेज की छुट्टी हुई और में अपने रूम पर आ पहुंचा था

और मेरे दोस्त ने खाना बना कर तैयार किया हुआ था

मैने हाथ मुंह धोकर खाना खाया, और अपने दोस्त को कॉलेज के के बारे में बताने लगा मुझे कब नींद आ गई मुझे पता है नहीं चला।

अचानक फोन की घंटी से मेरी नींद खुली तो उठा और पूजा के रूम की तरफ देखने लगा, उसके रूम के दरवाजे पर ताला लगा हुआ था।

और फिर तभी घर के मेन फाटक खुलने की आवाज आई मीने नजर घुमा के देखा तो, व्हाइट यूनिफॉर्म में कंधे पर कॉलेज बैग लटकाए पूजा आ रही थी।

फिर क्या था शाम हो चुकी थी और में थोड़ा टहल ने के लिए छत पर आ गया था। और में देखता हूं कि, यहां कानो में इयरफोन लगाए पूजा पहले से ही खड़ी हुई है।

मैने दूर से है पूजा को इशारे से, hii किया

और फिर और अपने कानों में से इयरफोन निकाल के छत बलकोनी में लगी बैठने की मेज पर बैठ गई और मुझे बुलाने के लिए इशारा किया।

में चला गया और उसे पास जाके बैठ गया ।

फिर हम दोनों की बाते सुरु हुई।

पूजा ने बताया कि वो जयपुर के पास की ही है और यह वो नर्सिग की स्टडी के रही है और अभी 15 दिन पहले है वो यहां आई है।

मैने। भी उसको बताया कि में भी इंजीनियरिंग की स्टडी के लिए आया हूं ।

फिर उसने पूछा कि किस कॉलेज से, तो मैंने बताया और उसने भी उसका कॉलेज बताया ।

हम दोनों के कॉलेज एक ही जगह पर थे, । पर टाईमिंग दोनों की अलग अलग, और बस बातो का सिलसिला चालू रहा और खूब सारी बाते करने के बाद हम नीचे अपने अपने रूम में लौट आए।और अब में और पूजा अच्छे दोस्त बन चुके थे।

उसने रात का खाना साथ बना कर साथ खाने के लिए पूछा और में हा बोल दिया।

फिर सब्जी तय हुई की पनीर की सब्जी ।

और हम सामना लेने साथ में मार्केट निकल गए ।

पूजा सारे मसालों के बारे में काफी अच्छी नॉलेज रखती थी।

उसने पनीर में डालने वाले सभी जरूरी मसाले पनीर और सब्जी खरीद कर आ गए ।

और फिर पनीर की सब्जी बने के लिए हम मेरे रूम में आ गए और त्यारी सुरी की, उस दिन मुझे रसोई के सारे मसाले के बारे में पता चला और वो पहले दिन का हींग वाला किस्सा भी हमने डिनर पर हमने शेयर किया और खूब हसे।

उसके बाद हमारी दोस्ती प्यार में बदल गई, पता ही नहीं चला

मसाले केवल सब्जी मैं ही नहीं रिश्तों में भी जान डालते है।

और मेरे मामले में तो हींग ने मेरी लवर स्टोरी को परफेक्ट बनाया।


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