Abhishek Sharma

Drama


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Abhishek Sharma

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X-गर्लफ्रेंड से बात (भाग - १)

X-गर्लफ्रेंड से बात (भाग - १)

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राहुल- ट्रिंग ट्रिंग ट्रिंग.....( घंटी बजती है)

निशा - हैलो कौन l...( वहीं प्यारी सी आवाज)

राहुल - भूत बोल रहा हूं,।

निशा - ओह, तो तुम बोल रहे हो।

राहुल - तो आखिर तुम्हें में अब भी याद हू ( ताना मारते हुए)

निशा - ज़िन्दगी के कुछ किस्से भुलाए नहीं भूले जाते ( तर्क देते हुए)

राहुल - किस्से नहीं भुलाए जाते पर, लोग अक्सर किस्से - दार को भूल जाते है.....( शिकायत की आवाज में)

निशा - हा, क्यू की कुछ हालात और मजबूरी है ऐसी होती है कि .....( सन्नाटा)

राहुल - कुछ लोग बेवफाई को बड़ी खूबसूरती के साथ मजबूरी का नाम दे देते है

निशा - तुम नहीं समझो गे मुझे, ना तुम कल मुझे समझा था और ना आज ....( रुआंसे गले से)

राहुल - में, में तुम्हे नहीं समझूंगा, ....ये बात तुम बोल रही हो।

निशा - हा, ये बात मेरे सिवा और कौन बोल सकता है,

राहुल - बहुत अच्छा इनाम मिला है, आज मुझे मेरे प्यार का( बैठे हुए गले से)

निशा - यार ..राहुल देखो अब तुम उन पुरानी बातो को फिर से में करो,क्यों की उन बातो का कोई मतलब नहीं है अब।

राहुल - कितनी आसानी से बोल दिया ना तुमने, काश इतना आसान किसी को भूलना भी होता

निशा - भूल जाओ, और आगे बढ़ो लाइफ में कितना टाइम बित चुका है हमें अलग हुए,

और तुम होके वहीं के वहीं हो।

राहुल - मेरे पास दिल था, और उस दिल ने सच्ची मोहबब्त की थी, टाइम पास नहीं जो आसानी से भूल जाऊ।

निशा - अच्छा क्या प्यार सिर्फ तुमने ही क्या था बस, मैने नहीं ?

राहुल - अगर किया होता तो आज तुम मेरे साथ होती। ( गुस्से से)

निशा - वाहा, अगर साथ होना ही प्यार का सबूत है तुम्हारे लिए तो माफ़ करना राहुल, में तुम्हें नहीं बता सकती

राहुल - अरे अब तो बंद करो ये नाटक, ( गंभीर हो कर)

निशा - मैने बोला ना कि तुम ना मुझे समझे हो ना कभी समझ पाओगे।

राहुल - हा ये सही बोला तुमने, मुझे नहीं आता ऐसा प्यार

और ना में समझ ना चाहता।

निशा - राहुल....

राहुल - हा, बोलो लो जो बाकी रहा है।

निशा - राहुल, मैने भी तुम से प्यार किया था और तुम से भी ज्यादा किया था।

राहुल - अच्छा तो फिर, वो प्यार कहा मर गया।

मेरे प्यार में कोई कमी रह गई थी क्या..?( तेज आवाज में)

निशा - ऐसा कुछ नहीं है राहुल, किसी के प्यार में कोई कमी नहीं थी, शायद किस्मत को कुछ और ही मंजूर था।

राहुल - किस्मत, अब किस्मत का सहारा मत लो

किस्मत खुद इंसान के हाथो में होती है, अगर तुम चाहती तो आज ये दिन नहीं आते।

निशा - राहुल, अगर मेरे बस में होता तो में कभी ऐसा नहीं करती।

ये सब मैंने अपने दोनों की भलाई के लिए किया।

राहुल - इसमें किस की भलाई है..?

निशा - राहुल ( और जोर जोर से सिसकने की आवाज आती है)

राहुल - अरे पागल, बाबू रो क्यू रही हो

प्लीज मत रोओ ...i,m so sorry babu (इधर भी सिसकने की आवाज शुरु)


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