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Ritu asooja

Tragedy

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Ritu asooja

Tragedy

*मित्रता एक सच्चा संबंध*

*मित्रता एक सच्चा संबंध*

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"नहीं, नहीं वो मेरा कोई रिश्तेदार नहीं ,वो मेरा कोई भी नहीं।"


मेरे रिश्तेदार तो यह हैं ,मेरे मामा ,चाचा, चाची बुआ यह सब मेरे अपने हैं ,यह सब मेरे रिश्तेदार हैं ना। यह कभी भी मेरा साथ नहीं छोड़ेंगे । ये हर दुख में मेरे साथ हैं और रहेंगे बहुत गर्व है मुझे मेरे रिश्तेदारों पर ।

मुझे मेरे मित्र की अहमियत तब पता चली जब मेरे दुख में मेरा साथ देने के लिए मेरा कोई रिश्तेदार आगे नहीं आया ।


"यार मुझे माफ़ कर दे मेरे सिर से फितूर उतर गया ,यार मेरे दोस्त मुझे याद है वो दिन जब मैंने तुझे पराया कहकर दुत्कार दिया था ,यार तू पहले मुझे माफ़ कर दे । तू तो मुझे मेरे अपनों से भी बढ़कर लगा ।"

"जिन्हें मैं अपना कहता था आज कोई भी मेरे दुख के समय में मेरे साथ नहीं है ।

दिल के रिश्तों का कोई मोल नहीं होता आज मुझे समझ में आया। यार मैं तो सड़क पर आ गया होता भिखारियों से बत्तर हो गई होती मेरी जिन्दगी ।मेरे मित्र तुम तो मेरे लिए फ़रिश्ते बनकर आए हो ,तुम से बढ़कर मेरे लिए कोई नहीं ।"



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