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Anita Sharma

Inspirational


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Anita Sharma

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मां

मां

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"शिल्पा तुम्हें कोई अधिकार नहीं है मेरी पोती पर गुस्सा दिखाने का। सौतेली हो न इसलिये उसे इतना चिल्ला रही हो। अगर उसकी अपनी मां होती तो वो कभी उसे यूं गुस्सा न करती। "

रमा जी अपने बेटे की दूसरी पत्नी से गुस्से में जब बोली तो शिल्पा के शब्द जैसे मुंह में ही रह गये। वो डब डबाई आंखों से कभी अपनी बेटी रूही को तो कभी अपनी सास को देख रही थी। रूही भी ये सुनकर दुखी होकर रोने लगी थी। जिस बात को वो बीते सालों में मन में भी नहीं लाई थी आज वही बात उसकी सास इतने दावे के साथ बोल रहीं थी।  

वो भी उस बेटी के सामने जिसे उसने कभी भी पराया नहीं समझा था। जिसे उसने अपनी छाती से न सही पर गोद में लेकर दूध तो पिलाया ही था। जागी तो वो भी थी उसके लिए रात - रात भर! पर उसका प्यार समर्पण सब बेमतलब हो गया क्योंकि उसने रूही को जन्म नहीं दिया था।

आज से दस वर्ष पूर्व शिल्पा इस घर में छः महीने की रूही की सौतेली मां बनकर आई थी। गरीब घर की शिल्पा के मां बाप ने रूही के पापा से सिर्फ इसलिये शादी कर दी थी क्योंकि उन लोगों ने दहेज नहीं लिया था। और एक गरीब मां बाप के लिऐ यही उस लड़के का सबसे अच्छा गुण होता है।

फिर इस गुण के सामने बेटी का भविष्य उसके सपने उसका खुद का जीवन सब गौण हो जाते है। शादी की पहली शाम ही रूही घुटनों से चलते हुए आंगन में घूँघट में बैठी शिल्पा की गोद में मम... मम...करते हुए चढ़ गई तो सभी मेहमान हंसते हुए बोले थे.....

"लो भई रूही ने तो नई दुल्हन को अपनी मां मान लिया अब नई दुल्हन की बारी है। देखते है वो उसकी मां बनती है या सौतेली मां। "

तभी शिल्पा ने खुद से एक प्रण किया था कि वो रूही की अच्छी मां बनेगी । ये सौतेला शब्द उसके आस पास भी न आये इसलिये उसने खुद कोई बच्चा न करने का फैसला भी लिया था। और रूही के पापा भी यही चाहते थे। शिल्पा ने रूही को बहुत प्यार से बड़ा किया। पर उसकी दादी ने उसे बचपन से ही ये बता दिया था कि शिल्पा उसकी सगी मां नहीं है। शिल्पा चाहती भी नहीं थी कि उससे ये बात छुपाई जाए। वो रूही के जीवन में उसकी मां की जगह लेने की अपेक्षा ही नहीं थी । वो तो उसके दिल में अपनी जगह बनाना चाहती थी। और उसने बनाई भी।

रूही भी उसे मां जैसा प्यार करती थी। पर बस आज वो बिना बताये स्कूल से अपने दोस्तों संग घूमने चली गई। सासो मां ने तो बच्ची को बिगाड़ने का पूरा इल्जाम उसके सर पर डाल दिया। और जब उसी बात के लिए शिल्पा ने रूही को डांटा तो उसे सौतेला बता दिया।

क्या सौतेली मां सिर्फ प्यार कर सकती है बच्चे की गलती पर उसे रोकने का कोई अधिकार नहीं। एक सौतेली मां से यही अपेक्षा क्यों होती हैं। हुं होती होगी ये अपेक्षा पर मैंने खुद को कभी रूही की सौतेली मां समझा ही नहीं तो क्यों इन अपेक्षाओं पर खरा उतरु सोचते हुए शिल्पा ने बीच आंगन में बैठ रूही को अपने पास बिठा अपनी ननद को फोन लगा दिया और उनसे सीधे से एक सवाल पूछा लिया ........

" जीजी आप जब छोटी थी तो आपकी गलती पर मम्मी जी क्या करती थी?"

वहां से शिल्पा की ननद का स्वर गूंजा.....

" ये कैसा सवाल है भाभी"?

"बस यूं ही पूछा है प्लीज बताईए न"

वहां से ननद का स्वर बचपन को याद कर थोड़ा खनक उठा था वो उसी खनकती आवाज में बोली...


" अरे भाभी पूंछों मत मां सिर्फ डांटती नहीं थी। पहले दो थप्पड़ धरती थी फिर कुछ बोलती थी। पर मुझे कभी बुरा नहीं लगा आखिर वो मां है हमारी हमारा अच्छा बुरा उनसे ज्यादा कौन जानेगा। "

"थैंक्यू जीजी बोल शिल्पा ने फोन काट दिया। और रूही की तरफ देखते हुए बोली....

"देखा रूही सौतेली नहीं सगी मां भी बच्चों की गलती पर डांटती मारती है। सगी मां कुछ भी करे उसे मां का प्यार ही कहा जायेगा। पर सौतेली मां ने अगर जरा सा डांट भी दिया तो उसे कटघरे में खड़ा कर दिया जाता है।

एक सौतेली मां से हमेशा यही अपेक्षा की जाती है कि वो बच्चे को प्यार तो खूब करे पर उसकी गलती पर भी उसे डांटे न। इस वजह से सौतेली मां बच्चों से कुछ कहती नहीं है फिर जब बच्चे बिगड़ जाते है तो उसका ठीकरा भी उसी के सर फोड़ दिया जाता है। ये बोल कर कि.....

" सौतेली मां ने ध्यान नहीं दिया इसलिये बच्चा बिगड़ गया। "

पर मैं सौतेली मां की इन अपेक्षाओं से आजादी चाहती हूं। मैंने तुम्हें हमेशा अपनी बच्ची माना है इसलिये तुम्हें प्यार करने के साथ मुझे तुम्हें डांटने का भी पूरा अधिकार है। मैं सगी या सौतेली नहीं सिर्फ एक मां हूं। "

अपनी मां की बातें सुनकर रूही शिल्पा के गले से लिपट गई। और रोते हुए बोली ....

" मुझे माफ कर दो मां दादी की बातों में आकर आज मुझे पहली बार लगा था कि आप मेरी".....

आगे की बात अधूरी छोड़ वो फिर से बोली....

" आप तो मेरी प्यारी मां हो आज के जैसी गलती मैं दोबारा कभी नहीं करूंगी। अब में जहां भी जाऊंगी आपको बताकर जाऊंगी । "

वहीं पीछे खड़ी शिल्पा की सासू मां भी उसकी बातें सुनकर अफसोस कर रहीं थी कि ..."जब मैं अपने बच्चों को डांट मार सकती हूं तो शिल्पा क्यों नहीं डांट सकती । सही बोल रही है शिल्पा कोई भी मां सौतेली या सगी नहीं होती बल्कि हमारे जैसे लोग उन से इस तरह की अपेक्षा कर सौतेला बना देते है। अपनी गलती का एहसास होते ही उन्होंने रूही और शिल्पा से माफी मांग ली।

आज शिल्पा सगी सौतेली अपेक्षाओं से आजाद हो गई थी। वो सिर्फ एक मां थी सिर्फ मां।


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