Babita Kushwaha

Inspirational


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Babita Kushwaha

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लॉकडाउन डे 16

लॉकडाउन डे 16

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डियर डायरी,

लॉक डाउन में हमारी भागदौड़ भरी जिंदगी में एक ब्रेक सा लग गया है। अब हमें मौका मिला है कुछ अपने लिए करने का। इस तनाव भरे माहौल में भी हम सकारात्मक तरीके से अपने हुनर को निखार सकते है। अभी सबको ऐसा समय मिला है जो पहले कभी नहीं मिला। इस वक़्त में वो शौक पूरा कर रही हूँ जो कभी अधूरे रह गए थे।

 

हर व्यक्ति का कुछ न कुछ शौक होता है।

शादी से पहले मेरा भी एक शौक था। लेकिन करियर, पढ़ाई, शादी, लाइफ सेटलमेंट, घर पर परिवार और फिर बच्चे की जिम्मेदारी में शौक कहा खो गया मुझे खुद ही पता नही चला। मेरा शौक था लिखने का। स्कूल, कॉलेज में लेखन प्रतियोगिता से जुड़े हर कॉम्पिटिशन का मैं हिस्सा हुआ करती थी। मुझे आज भी याद है जब मैं कक्षा 6 मैं पढ़ती थी स्कूल में चित्र देखो कहानी लिखो प्रतियोगिता में मुझे प्रथम पुरस्कार स्वरुप 100 रुपए मिले थे। उस समय यह सौ रुपए मेरे लिए लाख से कम न थे। सबने मेरी बड़ी प्रशंसा की। तब से लिखना मेरा शौक बन गया था। लेकिन कॉलेज होने के बाद ही शादी हो गई फिर आई घर परिवार, बच्चों की जिम्मेदारी। फिर आया कोरोना अब ऑफ़िस बंद। अब पतिदेव घर पर ही रहते है बेटा ज्यादातर उनके साथ ही खेलना पसन्द करता है। दोनो आपस में बिजी रहते है ऐसे ही एक दिन बैठे बैठे कविता लिख डाली। पति को पसन्द आई दोस्तों को भी भेजा उन्होंने भी खूब सराहा। फिर क्या था दबा हुआ शौक फिर उभर आया।

कभी कभी ऑनलाइन भी नई नई चीजें सिख लेती हूं। आज कल जो भी पसन्द की चीज है वह करती हूं एकदम फ्री माइंड से क्योंकि अभी कोई काम का टेंशन नहीं है क्योंकि जब बाहर जाना ही नहीं तो काम का टेंशन कैसा?



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