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कुछ पल- एक प्रेम कहानी

कुछ पल- एक प्रेम कहानी

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आज इस गिफ्ट को देख कर फिर से रोहित यादों में खोया हुआ था कि किस तरह से वह.....


गैरों की ख़ुशी में ही अब वह खुश रहने की कोशिश करता था। इसकी मुख्य वजह उसका आत्मसम्मान उसका गुरुर था। लोग उसके बारे में क्या कहते क्या सोंचते है इस बात से उसे कोई फर्क नहीं पड़ता अब। 

उसको अपनी ज़िन्दगी से कोई चाहत नहीं रह गई थी। अब वो अपने लिए कम दूसरों के लिए अधिक जीता था।


आँखों में सपने सँजोए हुए, अब बस जिए जा रहा था ज़िन्दगी बिना किसी लक्ष्य के। इस हालात के लिए कभी ईश्वर को दोषी नहीं बल्कि खुद को दोषी मानता था।


यदि आप सोंच रहे हो ऐसा क्यों? तो इसका जवाब इसी कहानी में है:


कई वर्ष पहले की बात है रोहित अपनी ज़िन्दगी में मस्त था ऐसा नहीं की कोई तकलीफ न थी पर उस दर्द उस तकलीफ को समझने वाला रोहित के पास कोई नहीं था। फिर भी रोहित के जीने के अंदाज से कोई ये नहीं कह या समझ सकता था की इसके दिल में इतना दर्द भी छुपा है।


रोहित एक बिना लक्ष्य की ज़िन्दगी जी रहा था ऐसा नहीं की सपने न थे सपने भी थे रोहित की आँखों में पर बिना साथी के शायद पूरे नहीं हो सकते थे इस लिए रोहित हमेशा सोचता था-


""कोई तो साथी चाहिए साथ चलने वाला।

कोई तो साथी चाहिए हमपे मरने वाला।।""


रोहित अपनी ज़िन्दगी में खुश दिखने की कोशिश करता। हर वक़्त हँसता हुआ चेहरा, जिस वजह से लोग समझते के वह बहुत खुश है जबकि हकीकत तो कुछ और ही थी

इसी दरमियाँ

एक दिन रोहित के whatsaap पर एक मैसेज आया 

hi...

ये रोहित की पडोसी मीना उर्फ़ "छिपकली" का नम्बर था "छिपकली" इस नाम की भी एक कहानी है जो आगे बताऊँगा।



जाना पहचाना चेहरा था इसलिए रोहित ने भी बिना किसी सोंच विचार के 

hi...  लिख कर भेज दिया।


 मीना अपनी परास्नातक की शिक्षा पूरी करके 1 साल पहले ही वापस घर आई थी

सुन्दर गोरी सी लड़की जिसकी आँखे इतनी नशीली की कोई भी उसके प्रेमजाल में फस सकता है सज संवर ले तो किसी हीरोइन से कम नहीं। 

2 से 3 दिन की औपचारिक हाय हेलो की बातों के साथ ही प्रतिदिन बातों का सिलसिला सुरु हो गया अब एक दूसरे का इंतजार होता। दोनो शाम को फ्री होकर बात करने का इंतजार करते।

एक दिन रोहित ने मीना से पूछा की आपको मेरा नम्बर कहाँ से मिला।

मीना बिना किसी टाल मटोल के- अपने घर वालों के मोबाइल से चुपके से लिया था आपसे बहुत दिन पहले से बात करना चाह रही थी लेकिन हिम्मत न होती थी


रोहित- ऐसा क्यों?


मीना- बस यूँ ही

आगे दिनचर्या की बाते हुईं और दोनों एक दुसरे को शुभ रात्रि बोल कर सो गए।


------------///------------///--------///-----------


मीना अपने दिल के हाथों मजबूर थी इसलिए खुद को एक हप्ते भी न रोंक सकी और रोहित से प्यार का इजहार कर दिया पर खुल के न कह पाई। इसलिए रोहित भी जान कर भी अंजान बना रहा 


हाल ही में मीना का जन्मदिन था जो की कुछ दिन पहले ही बीता था। मीना की व्हाट्सैप प्रोफाइल में साड़ी पहने हुए फोटो लगी थी जिसे देखकर एक दिन रोहित के के दिमाग में शरारत सूझी और रोहित ने मीना उर्फ़ छिपकली के लिए चन्द्र पंक्तियाँ लिख दी


.............

तेरी प्यासी निगाहों कि कसक यूँ झलके,

के जैसे शोख़ निगाहें बेसब्री से इंतेज़ार करे हैं।

चेहरे पे जो प्यारी ये मुस्कान दिखे है,

यूँ लगता है कि तेरी आँखें कोई खूबसूरत दीदार करे है। 

यूँ मंद मंद मुस्कुराहट खामोश लबों से भी अल्फाज करे है। 

तेरी जुल्फों की बिखरी लटें गहरे सवालात करे हैं। 

ऐसा लगता है कि जैसे, बिन काजल, बिंदिया औ लाली के तू श्रृंगार करे है। 

.....................................


रोहित की लिखी पंक्तियों को पढ़कर मीना को बहुत ख़ुशी हुई जो की हर इन्सान को होती है वो भी ऐसे शख्स के द्वारा सुनने को मिले जिसे वो चाहता हो 


अभी दोनों में औपचारिक बातें ही होती थी लेकिन मीना को तो पहले से ही प्यार हो गया था रोहित से। इसलिए मीना हमेशा प्यार भरी बाते करती, कुछ ऐसे सवाल करती की रोहित के दिल में उसके प्रति क्या है पता कर सके, लेकिन रोहित ऐसी बातों का जवाब कम ही देता या बात का जवाब देने की जगह दूसरी बात सुरु कर देता। इस बात पर मीना बहुत गुस्सा करती और बात करनी बंद कर देती। 


लेकिन कुछ घंटे बाद खुद ही रोहित को फोन करती और फोन उठाते ही


रोहित तुम बड़े ख़राब हो एक बार भी वापस फोन नहीं कर सकते मैं जिन्दा हूँ या मर गई कोई चिंता नहीं क्यों ऐसा करते हो। तुम चाहते हो क्या कि हम मर जाएँ तो आपकी परेशानी दूर हो जाये।


ऐसी बात न है मीना, मैं क्यों चाहूँगा की तुम मर जाओ। हाँ ये जरुर चाहूँगा की आप अपनी ज़िन्दगी ख़ुशी से बिताओ। हर पल मुस्कुराओ बस।


तो रोहित तुम्हें पता होना चाहिए की हम आपके साथ बहुत खुश हैं जब तुम मेरी बात का सही से जवाब न देते हो तो बहुत गुस्सा आता है की आपको बहुत मारूं। मार मार के कचूमर निकाल दूँ, पर जब सामने आ जाते हो तो हमारी बोलती बंद हो जाती है।


जब चाहो पीट लो हमें मीना जी। आपको हमें पीटने से ख़ुशी मिले तो हम आपके हाथों पिटने को भी तैयार हैं 

नहीं रोहित हम आपके उपर हाथ नहीं उठा सकते इतने ख़राब न है हम

 और रोहित उसकी इन बातों पर सिर्फ हंस देता। क्या कहता। कुछ कह भी तो नहीं सकता था और सोंचता काश उसे अपने दिल के दर्द बता पाता की क्यों हर बात हस के टाल देता हूँ।


 मीना अक्सर अपने प्यार का इजहार रोहित से करने लगी। हर बार लडती रोहित से हाँ सुनने के लिए। 


रोहित अब किसी के प्यार में फिर से खुद के दिल को दुखी नहीं करना चाहता था पर ये बात भी वो मीना से कह नहीं पा रहा था।


एक दिन रोहित ने मीना से कहा, तुम मेरा इंतज़ार मत करो शायद हम आपके लायक न हैं बस। इस बारे में हम आगे कोई बात नहीं करेंगे।


मीना तो रोहित के पीछे पड गई। 



प्यार में बहुत ताकत होती है इंसान तो क्या पत्थर भी पिघल जाता है वही हुआ। रोहित के दिल में भी कहीं न कहीं मीना के लिए जगह बन रही थी।


पर रोहित की ज़िन्दगी में जो बीत चुका था उसका ख्याल आते ही दिल में उभरे हुए प्यार का नामो निसा मिट जाता और उभर कर रह जाती तो सिर्फ चन्द्र यादे:


""यादें ही देती हैं चलने और संभालने की समझ,

गिरना गिरकर सभलना यही है ज़िन्दगी का सबब'"


"हर मुश्किल से लड़ना ही दस्तूर है ज़िन्दगी का,

यही किस्सा तो मशहूर है ज़िन्दगी का""।।


रोहित का जन्मदिन नजदीक आ रहा और मीना रोहित के जन्मदिन को लेकर बहुत उत्साहित थी पर रोहित को कोई उत्साह नहीं था

मीना का रोज रोज झगडा करना, खुद रूठ जाना खुद माफ़ी मांगना और प्यार से मनाना। 

अब रोहित के दिल में भी मीना के लिए प्यार जग चुका था

मीना तो रोहित से चाह रही थी कि मेरे खाते पीते सोते जागते हर जगह रोहित बोले मैं हूँ न


रोहित कभी भी खुलके प्यार का इजहार नहीं कर पाता था वो तो बस मीना का साथ निभा रहा था


फिर एक दिन शाम के वक़्त


मीना- रोहित हमे आपसे मिलना है आप हमारे पास हमारे रूम आओ


रोहित मजाक लहजे में- इस वक़्त तो सभी घरों के दरवाजे बंद है और मैं कोई जादू नहीं जानता जो अपने घर से आपके सामने प्रकट हो जाऊ।


रोहित मेरे घर का दरवाजा खुला है और मुझे आपसे मिलना आ जाओ बस


मीना आपको सताने के लिए आज मैं ही मिला हूँ अब रात हो गई है सो जाओ मैं भी सो जाता हूँ।  


रोहित तुम आ जाओ वर्ना मैं ही तुम्हारे रूम आ जाउंगी फिर समझ लेना 


तुम नहीं आओगी मैं जानता हूँ पकाओ मत मुझे


तुम नही मानोगे रोहित। मुझे पता है तुम अभी घर आये हो आपके रूम का दरवाजा भी खुला है मुझे आने में कोई दिक्कत न है पर तुम समझ लो मैं आपके पास आई तो अपनी मर्जी से ही वापस आउंगी। और मैं अपने रूम के दरवाजे के पास दरवाजा खोले खड़ी हूँ रोहित तुमको पता ही है मेरे रूम का दरवाजा बहार से ही है सो अब बताओ क्या करना है

तुम पागल तो नहीं हो गई हो कल दिन में मिल लेना।

मीना गुस्से से- मैंने बोल न आज और अभी समझे। इसके अलावा मुझे कुछ न सुनना।


रोहित कमरे से बाहर आके मीना को देखता है पर उजाला कम होने की वजह से कुछ साफ दिखाई न देता है और फिर अपने रूम में जाकर।


देखो मीना मुझे परेशान मत करो मैं बहुत थका हुआ हूँ मुझे सोने दो।


मै जानती हूँ आप थके हो आ जाओ मेरे पास हम आपके पैर दबा देंगे और इसी बहाने थोड़ी देर आपके पास रह लेंगे।

आज आपको क्या हो गया क्यों मिलने की रट लगाये हो। मैं नहीं आऊँगा।


मीना: ठीक है मैं ही आ जाती हूँ।

रोहित: आ जाओ 


मीना: सोंच लो फिर कुछ कहना मत अगर मई आई तो फिर अपनी मर्जी से ही वापस आऊँगी।


रोहित जानता था की इतनी रात मीना नहीं आएगी किसी भी हालत में इसलिए

आ जाओ किसने रोका है पहले आओ तो सही और हाँ मैं तो सोने जा रहा हूँ शुभरात्रि कहकर रोहित ने फोन काट दिया।..........


...


..



अभी 10 मिनट ही गुजरे होंगे दरवाजे पर दस्तक हुई रोहित ने देखा की मीना दरवाजे पर खड़ी है रोहित को कुछ समझ न आया की क्या कहे?


अन्दर आने दोगे या दरवाजे पर ही खड़े रहने देने का इरादा है

मीना घर जाओ इतनी रात नहीं आना चाहिए था


क्यों नहीं आना चाहिए था जब मैं बुला रही क्यों न आये तुम। तुम्ही ने आने के लिए हाँ बोल था अब मुझे अन्दर आने दो


और मीना रोहित को धक्का देकर कमरे में दाखिल हो जाती है


मीना समझने की कोशिश करो रात बहुत हो गई है कोई देखेगा तो क्या कहेगा? ये सही न है।


क्या सही क्या गलत मुझे न पता। मैं जिससे प्यार करती हूँ उससे मिलने का मन किया तो आ गए। इतने पास में रहते हो फिर भी चेहरा देखने को हम तरस जाते है। तुम्हारा दिल नहीं करता होगा पर मेरा दिल मचलता है आपको देखने के लिए। बस इसी लिए आ गए।


ठीक है देखलिया मुझे अब जाइये आप


लगभग रोते हुए: आये हुए 2 मिनट भी न हुआ और भागाने की बड़ी जल्दी है। पता नहीं कैसे हो कितने कठोर हो तुमको हमसे प्यार ही नहीं। न तो कभी अपने पास बुलाते हो और न हमारे पास आते हो। आज हम आ गए तो थोड़ी देर सही से बत करने की जगह बस भगा रहे हो ऐसा क्यों कर रहे हो।


एक सांस में सब कहने के बाद मीना रोने लगती है और आँखों से आंसू बहने लगते हैं


मीना मैं आपको भगा नहीं रहा। कोई आपको मेरे यहाँ देख ले तो दिक्कत हो जाएगी।


मैं लड़की होकर इतना नहीं डर रही और तुम हो की.....तुम्हारा मतलब सिर्फ इतना है की तुम मेरे से कोई लगाव ही न रखते हो इसी लिए भगा रहे हो। 


अब मीना और जोर से रोये जा रही थी


मीना एक बात दिमाग में बिठा लो मैं लड़का हूँ इसका मतलब ये नहीं की मुझे किसी की परवाह नहीं। मेरी वजह से आपकी बदनामी हो ये मुझे मंजूर नहीं। आपको कोई कुछ कहे गलत मुझे सहन नहीं होगा तुम मेरे से जुडी हो, न भी जुडी होती तो भी मेरे लिए तो सब इस मामले में एक बराबर हैं 

इक लड़के की वजह से लड़की की बदनामी हो जाये इसमें मर्दानगी किस बात की। 

देखो मीना किसी से प्यार करो तो कोई गलत न कह सके ये उसकी जिम्मेदारी होती है सिर्फ इसी लिए मैं आपसे जाने को कह रहा हूँ


रोहित एक बात बोलूँ, 

हाँ


हम आपसे बहुत प्यार करते हैं आज तक एक भी वक़्त आप हमें न दिए आपका मन नहीं करता होगा पर हमारा करता है की आपके साथ घूमें, आपके साथ बैठ के थोडा वक़्त गुजारें आमने सामने बात करें।

रोहित आज तो थोडा वक़्त दे दो हमें अपने पास रुकने का हम थोड़ी देर में चले जायेंगे।


ठीक है मीना

रोहित आज तो हम आपके इतने पास है हमें एक बार.......

हाँ बोलो क्या एक बार


लगभग हकलाते हुए और भरे गले से हमें गले से लगा लो प्लीज...... 

इस वक़्त मीना का चेहरा देखने लायक था आँखों में आँसू उसपे भी ललचाई हुई निगाहें


आज अब मीना पर प्यार के साथ-साथ दया भी आ रही थी रोहित ख्यालों में गुम सा हो गया कुछ वक़्त को की कितने दिनों से मीना मेरे मुह से प्यार के लिए हाँ सुनने को बेताब है और मैं हूँ की कहता ही नहीं।


अब रोहित मीना की और बढ़ा तो उसने नजरे नीचे कर ली और कांपने लगी। रोहित को कम्पन का अहसास तो तब हुआ जब एकदम नजदीक पहुंचा।


रोहित मीना के पास पहुँच कर जैसे ही कहा क्या हुआ मीना सीने से चिपक गई अब उसकी कम्पन रोहित पूरी तरह से महसूस कर रहा था। मीना के पैरो में जैसे जान ही न रह गई हो वो अब रोहित के सहारे थी अगर रोहित ने पकड न लिया होता तो सायद मीना गिर जाती।


आज रोहित और मीना पहली बार इतना करीब थे एक दूजे की धड़कन और गर्म सांसे महसूस कर रहे थे।

अब मीना बिलकुल रोहित के हाँथो के सहारे थी जैसे उसके पूरे शरीर में जान ही न हो। अतः रोहित ने सहारे से उसे बेड पर बिठा दिया अब भी वह रोहित से चिपकी हुई थी छोड़ने का नाम ही न ले रही थी।

कुछ वक़्त बाद वह नार्मल हुई उसने रोहित के माथे पर गाल में और फिर ओठों पर चुम्बन देने के बाद बाँहों में फिर से चिपक गई


आई लव यू रोहित। हम तुम्हे बहुत चाहते हैं आपके बिना रह नहीं सकते


अब तक रोहित के सब्र का बांध टूट गया मीना को कसकर बाँहों में कैद कर लिया और मीना के चेहरे पर चुम्बन की बरसात कर दी। तकरीबन 10 मिनट तक एक दुसरे को बाँहों में लिए बैठे रहे


अब मीना बिलकुल सहज हो चुकी थी लेकिन उसके चेहरे पर डर और ख़ुशी का मिश्रण था वह बोली-

रोहित आज मैं आपको गले लगाना चाह रही थी और मेरी इच्छा पूरी भी हो गई पर एक डर है के आप मुझे छोड़ के तो नहीं जाओगे। मैं आपके साथ अपनी पूरी ज़िन्दगी बिताना चाहती हूँ। मेरी चाहत है की अब मेरी ज़िन्दगी की बाँकी सभी रातें आपकी ही बाँहों में बीतें। आपको मन से मैं अपना पति मान चुकी हूँ।


मीना बहुत रात हो चुकी है अब आप अपने घर जाएँ

बस थोड़ी देर और रुक जाने दो


नहीं अब आप न रुक सकते हो । 


मीना अपने घर चली गए और रोहित सो गया...

..



अब अकसर मीना मिलने को बोलती पर रोहित कोई न कोई बहाना बना कर न मिलता।


एक दिन फिल्म आ रही थी "नायक" 

रोहित फिल्म देखने में लगा हुआ था उसी दौरान मीना ने मिलने की पेशकश की उस वक़्त फिल्म में भी कुछ ऐसा ही सीन चल रहा था 

इस फिल्म से ही लेकर रोहित ने मीना को छिपकली कहकर बुलाना सुरु किया।


छिपकली नाम तो रोहित ने प्यार से रखा था उसे चिढ़ाने के लिए। उसे रूठे हुए से मनाने के लिए। 


आज मीना बहुत गुस्से में थी रोहित तुमको मुझसे प्यार है या नहीं। जो भी है साफ साफ बोलो। क्योंकि मैं कभी भी मिलने को बोलती हूँ आप हाँ तो कहते ही नहीं, फोन में बात करने को कहूँगी तो सिर्फ सुनते रहते हो आखिर क्या है?

और आज मुझे आपसे जवाब चाहिए अब चुप क्यों हो जवाब दो


मीना आपको जो समझना है समझिये। आपको लगता है हम अपको प्यार नहीं करते तो जो उचित समझ आये वो करिये।


रोहित ये क्या बात है कभी तो सही से बात कर लिया करो। कभी तो प्यार से बात किया करो। क्या तुमको मेरे से शादी न करनी है। आपका दिल न करता होगा मेरा दिल तडपता है तुम्हारे मुह से प्यार भरी बातें सुनने के लिए, अपने लिए न सही मेरे लिए तो प्यार से बातें किया करो।


देखो मीना जितना हो सकता है आपको वक़्त देता तो हूँ रही बात शादी की मैं पहले ही कह चूका हूँ वक़्त आने पर अपने घर में सब को बता दूँगा और मना लूँगा आप अपने घर को देखो। मैं अभी से कोई वादा इसलिए न करता क्योंकि अभी मेरी शादी तो होनी नहीं। फिर अपको ज्यादा जल्दी है शादी की तो अपने घर के लोगों को मेरे घर भेजो, घर वाले आज शादी कर दें मैं कर लूँगा।

मीना ने गुस्से से तुमको कोई परवाह ही नहीं। जानते हो हम अभी घर में न कह सकते इसीलिए भाव खाते हो

मीना ऐसी बात न है आपके पास अपनी समस्या है मेरे पास अपनी ।

तुम्हारे पास क्या समस्या है रोहित, मैं तो तब जान पाऊँगी जब तुम बताओगे। कुछ बताते तो हो नहीं।


जितना जरुरी है वो सब बात बताता हूँ जो मुझे खुद समझ न आती वो समस्या आपको क्या बताऊँ।

न बताओ रोहित मुझे आपसे अब बात ही न करनी।

जैसी आपकी मर्जी 

और फोन कट जाता है


आज रविवार था तो रोहित घर जल्दी आ गया था सर्दी का मौसम था 

रोहित सोंच रहा था:-

""लोग अक्सर रूठ जाते है कुछ रिश्ते बेवजह टूट जाते हैं

टूटे रिस्तों को फिर से बनाऊं कैसे, रूठे दिल को मनाऊं कैसे""

तभी अचानक फ़ोन की घंटी बजी रोहित ने फोन देखा मीना का फोन था

फोन उठाते ही


रोहित, सारी यार मुझे तुमसे ऐसे बात नहीं करनी चाहिए थी। फिर तुम एक बार तो मुझे फोन करते। मैं ही तुमसे नाराज होऊं और फिर मैं ही तुमको मनाऊं।

मीना अगर ऐसी बात है तो नाराज ही क्यों होते हो।

रोहित आई लव यू सो मच 

और हाँ, मैं तुमसे मिलने आ रही हूँ इसमें कोई बहाना नहीं चलेगा।


जैसा उचित समझो मीना । मेरा तो सिर्फ इतना कहना है की मेरी वजह से आपको कोई प्राब्लम तो न होगी।


कुछ ही पल बाद मीना रोहित के पास और आते ही क्या हो रहा है खनखजूरे।

मैं तो सही हूँ तू बता छिपकली 

हम मार देंगे मुझे छिपकली मत बुलाओ

ओ छिपकली तू पास तो आ तब मार पायेगी दूर खड़े होकर नहीं।


अब मीना ने चाहत भरी नजरों से रोहित को देखा दोनों की नज़रें एक दूजे से टकराईं। अब मीना की न तो आवाज निकल पा रही थी और न ही नजरें मिला पा रही थी फिर भी जल्दी जल्दी कुछ कहना चाह रही थी।


रोहित मीना के पास गया और मीने के दाढी को पकड कर चेहरा ऊपर उठाते हुए क्या हो गया लो अब पिटाई कर लो मैं ही पास आ गया।

 

रोहित के हाथ लगते ही मीना जोर से कांपने सी लगी अगर रोहित पकड़ न लेता तो शायद वह जमीन पर गिर ही जाती।


रोहित के पकड़ते ही मीना रोहित से चिपक गई। और चुम्बन की बरसात सी कर दी रोहित के चेहरे पर ।

अरे आप तो मुझे पीटने वाली थी पर आपने तो कुछ और ही कर दिया

इतना सुनते ही मीना रोहित से कुछ अलग हुई और रोहित को इस तरह धक्का दिया की रोहित बेड पर गिर गया और मीना रोहित के ऊपर लेट गई। 

रोहित कुछ पल को ख्याल में डूब जाता है और सोंचता है:

""हमको मोहब्बत इतनी हो गई है तुमसे 

के शब्दों मैं क्या-क्या बयाँ करें तुमसे।

दो पल को जो रूठ जाती हो हमसे तो

लगता है मेरी जान निकल गई हो जैसे।।""


मीना की आवाज से रोहित ख्यालों से बहार आ गया।


रोहित आपको प्रसंद न हैं क्या हम? हम आपको इतना प्यार किये जा रहे हैं और आप हैं कि एक किस के लिए हमें तरसा रहे हैं। अगर हम प्रसंद न हैं तो आप हमें बोल दो हम आपसे बहुत दूर चले जाते हैं आपकी ख़ुशी में हम खुश रह लेंगे। पर बिना आपके कैसे जियेंगे हम नहीं जानते। बस आप हमसे रूठना मत।


आपको ऐसा क्यों लगता है के हम आपको प्यार न करते। हाँ मुझे जाताना नहीं आता ये मेरी गलती है।


मीना: रोहित मुझे डर सताये रहता है की आप मुझे छोड़ के वापस अपनी पुरानी गर्लफ्रेंड के पास चले जाओगे।

रोहित: मीना मेरी ज़िन्दगी में जो हुआ वो आपको सच बता दिया था पहले ही। मैं आपसे झूठ बोलकर कुछ हासिल न करना चाह रहा। आपको लगता है मैं आपको छोड़ न दूँ तो आप ही मेरे से दूर हो जाओ। मैं पहले ही आपको बता चुका हूँ की लगभग 3 साल से ज्यादा हो गया मेरी बात न हो रही उस लड़की से। 

अगर मेरा इरादा आपको धोखा देना होता तो मैं अपनी बीती ज़िन्दगी के बारे में आपको क्यों बताता। अब आगे से इस बारे में बात मत करना मेरे से। आपका अतीत क्या था मैंने कभी इसके बारे में कोई बात नहीं की। बस आपसे इतना ही कहता हूँ जब तक मेरे साथ रहना सिर्फ मेरे रहना। जिस दिन दूर जाना हो एक बार बोल देना बस। हाँ मुझे अँधेरे में मत रखना कभी। आप मेरे से रिश्ता जोड़ी हो इसका मतलब ये नहीं ज़िन्दगी भर मेरे दबाव में रहना। मीना, आप अपनी ज़िन्दगी अपने तरीके से जीने को स्वच्छन्द हो।


मीना: आप मुझे नहीं चाहते हो तभी तो हमेशा दूर भगाने की बात करते हो। आज तक कभी आपने अपनी ओर से मेरे से प्यार से बात किये हो। हमेशा मैं ही आपसे रूठती हूँ और उल्टा आपको मनाती हूँ आज तक कभी मुझको मनाये हो। कभी एक बार मेरे गुस्सा हो जाने के बाद फोन करके जानने की कोशिश किये हो की मैं कैसी हूँ जिंदा भी हूँ या मर गई। तुम तो मनाते ही होगे की मैं दूर हो जाऊं है न।

रोहित: ऐसा नहीं है मीना


मीना: तो फिर कैसा है रोहित यही बता दो आज तक अपने मुझे कभी एक बार मनाया हो तो बताओ।


रोहित: देखो मीना, आप मेरे से नाराज अपनी वजह से होते हो मेरी वजह से नहीं। कभी मैंने आपको कोई गलत बात बोली हो तो बताओ।

मीना: हद है रोहित, ऐसा कौन होगा जिसे किसी अपने से प्यार के मीठे बोल न सुनना प्रसंद हो और आप इतने महान हो तो बोलो मुझे गुस्सा क्यों न आये।


रोहित: मीना ये बताओ यदि मैं बात बात पर कहता रहूँ मैं आपको बहुत प्यार करता हूँ तो क्या सच में ये साबित हो जाता है कि मैं आपको बहुत प्यार करता हूँ। हाँ मैं आपसे प्यार नहीं जता पाता तो आपने ये कैसे साबित कर दिया के मैं आपसे प्यार नहीं करता। अब आप ही बता दो की क्या करूँ जिससे आपको ये अहसास हो जाये की मैं आपसे प्यार करता हूँ।


मैं जानती हूँ आप मेरे को चाहते हो 

अरे अजीब लड़की हो जानती हो तो फिर लडती क्यों हो

क्या करूँ गुस्सा आ ही जाता है


रुक अब मैं तुझे बताता हूँ तुझे पीट दूँ तेजी से और रोहित ने मीना का हाथ पकड़ कर तेजी से अपनी ओर खींच लिया। अब मीना रोहित की बाँहों में थी और रोहित ने मीना के माथे पर चुम्बन देता है।

 आई लव यूँ रोहित... आई लव यू। हम आपके बिना जी नहीं सकते। आप हमें छोड़ के मत जाना। हम आपको अपना पति मान चुके है। 

और मीना ने झुक कर रोहित के पैर छू लिए।


मीना ये मुझे न प्रसंद आपकी जगह मेरे दिल में है मेरे कोई पैर छुए मुझे नहीं प्रसंद।

और रोहित ने मीना को फिर से गले लगा लिया।


रोहित आपसे एक बात कहें 

हाँ बोलो


हम आपके सीने में सर रखकर आँख बंद किये हुए आपकी धडकनों को सुनना चाहते हैं प्लीज


रोहित कुछ न बोला


मीना: प्लीज मान जाओ न बस थोड़ी देर फिर हम चले जायेंगे. प्लीज......


रोहित को अचानक अपने बीते पल याद आ गए(रोहित को अपने अतीत के मंजर याद आ गए। वो दर्द सह सकता था दर्द देने के बजाय)और तुरंत...ओके जैसी आपकी मर्जी मीना


मीना दोनों हाथों से रोहित को पकडे हुए रोहित के सीने पर अपना सर रखे हुए छोटे बच्चे की तरह बेफिक्र सी लिपट गई।


2 मिनट....5मिनट....10 मिनट अब मीना छोड़ने का नाम ही नहीं ले रही थी।


कुछ पल बाद रोहित को समझ आया की मीना रो रही है पर क्यों रो रही ये तो रोहित के लिए एक पहेली थी


""काश ये पल हरपल को यूँ ही ठहर जाते,

दुनियां में फक्र से तुमको अपना कह पाते।

हम तुम्हे समझा पाते इस दिल के आलम

न होते तुम न मैं होता, सिर्फ हम होते।।""


बहुत देर तक पूछने पर मीना और ज्यादा रोने लगी और रोते हुए.....


रोहित आपको हमें खोने का डर नहीं है क्योंकि आप इतने अच्छे हो की मेरे से अच्छी लड़की आपको मिल जाएगी लेकिन हमें आप जैसा कोई नहीं मिलेगा हम अच्छे नहीं है हम आपके लायक न हैं


मीना मैंने आज तक कभी आपसे कोई गलत बात कही -

नहीं

तो आप इस तरह क्यों कह रही हो अब रोना बंद करो। मैं आपको छोड़ के नहीं जा रहा।


रोहित हमने आपसे बहुत झूठ बोले हैं


तो अब मत बोलना आगे से बस, जो हो गया उसे बदल न सकते हो। आगे से झूठ बोलकर गलती न करना।

इसीलिए मैं कहती हूँ की आपके लायक न हूँ मैं हमेशा कुछ न न कुछ गलत करती ही रहती हूँ और आप हमेशा उन बातों को टालते रहते हो जैसे कुछ हुआ ही न हो


तो क्या करूँ लड़ाई करूं आपसे, वो भी नहीं कर सकता। यदि किसी से सच में प्यार करते हो तो उसकी कुछ गलतियों को इस तरीके से नजरअंदाज करो की सामने वाला खुद मजबूर हो जाये गलती न करने के लिए।

सच कह रहे हो तुम आज मैं भी सब सच बता दूंगी आगे परिणाम कुछ भी हो। मैं और झूठ आपसे न बोल पाऊँगी। मैं सच में अच्छी न हूँ आपके लायक तो बिलकुल नहीं। मेरा भी अतीत है जिसे मैं आज तक आपसे छुपाती आई हूँ।

रोहित: मुझे कुछ नहीं सुनना मीना। जो अतीत है अतीत रहने दो। बीते हुए पलों को वर्तमान में मत लाओ।


मीना: रोहित आज आपको एक सच सुनना ही होगा। इसके बाद सायद आप मेरे से रिश्ता भी तोड़ दो, फिर भी मुझे सकून मिलेगा और हो सकता है जो मेरा डर और आपसे शिकायतें रहती हैं प्यार को लेकर वो सब ख़त्म हो जाएँ।

आज मीना ने अतीत के पन्नों को रोहित के सामने खोल कर रख दिया..................

रोहित यही बातें है जो मुझे हमेशा सताती हैं के जब आपको ये सब पता चलेगा तो कही आप मुझे छोड़ न दो।

रोहित: मीना जो हुआ उसे भूल जाओ। इन बातो को भूल कर भी किसी के सामने दुबारा मत जिक्र करना। मेरे सामने भी नहीं। मैं नहीं चाहूँगा की उन पलों को फिर से आप याद करो। रोहित ने अपनी बाहें फैला दी। मीना रोहित के सीने से चिपक गई।


........................................................................

रोहित के साथ मीना को दुःख था तो सिर्फ एक बात का, कि रोहित उसे कभी कहीं घुमाने नहीं ले जाता। मीना हर रिस्क लेने को तैयार थी घूमने जाने के लिए पर रोहित इस बात को नहीं मानता।

दोनों अक्सर बातें करते मिलते। भले ही एक दूसरे को बहुत वक़्त न दे पाते थे पर अपनी इस दुनियां में दोनों खुश थे..


..........





आज रोहित अतीत की गहराई में खोया हुआ था रोहित और मीना का ब्रेकअप हुए लगभग 6 महीने से ज्यादा हो गया था 

..............................................

रोहित मीना से प्यार का इजहार खुल के भले ही न कर पाता था जिसकी वजह से मीना हमेशा झगड़ा करती थी पर रोहित मीना के साथ बहुत खुश था रोहित अपने अतीत को भुला चुका था लेकिन मीना लड़ाई करके यादें ताज़ा कर देती थी

और एक दिन दोपहर में फोन पर....

मीना: रोहित अगर आपकी पहले वाली गर्ल फ्रेंड वापस आ गई तो आप मुझे छोड़ दोगे क्या?


रोहित कुछ न बोल सका क्योंकि मीना के ये सवाल करने पर रोहित को बहुत क्रोध आता था रोहित मीना से लड़ना नहीं चाह रहा था


इधर जवाब न पाकर मीना और ज्यादा क्रोधित हो गई


मीना: मेरे साथ टाइम पास कर रहे हो क्या केवल। ऐसा क्यों कर रहे हो........


रोहित : मीना आपने मुझे समझ क्या रखा है रही बात छोड़ के जाने की तो आपको जैसे भी इस बात का विस्वास हो सके की मैं नहीं जाऊंगा आपको छोड़ कर, उसके लिए जो भी करना हो बता दो।

क्या करना होगा मुझे की आपको यकीन हो जाये आज इस बात को यही ख़त्म कर देते हैं। मीना मेरी आपसे विनती है मुझे अतीत की गहराई में मत धकेलने की कोशिश करो। मैं आपके साथ बहुत खुश हूँ आपको छोड़कर कहीं नहीं जाऊंगा, हो सके तो इतना तो यकीन करो मुझ पर। आपको लगे की शादी हो जाएगी तब यकीन कर पाओगे तो जब दिल करे बोल देना मैं शादी को तैयार हूँ। अरेंज (घर वालों की मर्जी से) करनी है तो 1 हप्ते का वक़्त तैयारी के लिए चाहिए होगा।


हाँ अब मुझे कुछ वक़्त के लिए अकेला छोड़ दो। मुझे क्रोध मत दिलाओ प्लीज मैं आपसे विनती करता हूँ। मेरी हालत समझने की कोशिश करो। आपको तो बहुत कुछ पता है मेरे बारे में और रोहित ने फोन काट दिया।


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आतीत से बाहर आते हुए रोहित गुनगुनाता है ये चन्द्र पंक्तियाँ:

""पल पल ही नहीं हरपल के लिए,

वो कुछ पल जिंदा है हर पल के लिए।

कुछ पल ही नहीं हरपल जीता हूँ,

थे वो पल खाश, के हैं याद हरपल के लिए।।""


और मुस्कुराते हुए आगे दोहराता है ये पंक्तियाँ:


""इश्क तो इश्क है इश्क पे इल्जाम (क्या कीजे)न कीजे

है सारे नशों से ऐसा गहरा औ जुदा ये नसा

जिसमें न कोई दुआ न कोई दवा असर कीजे""


और फिर यादों में खो जाता है

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शाम को लगभग 7:30 बजे 


मीना ने रोहित को फोन किया

क्या कर रहे हो रोहित?

कुछ नहीं, लेटा हुआ था। कहिए

आप अभी भी मेरे से नाराज हो क्या

नहीं मीना नाराज न हूँ पर दुखी जरुर हूँ।


खाना खा चुके क्या?

अभी नहीं मन है, और आप

मेरा भी मन न है 

वाओ मेरी नक़ल, जाओ खाना खाओ बाद में बात करना।

नहीं खाना मुझे

पागल हो क्या? जाओ खाना खाओ जाके

हाँ पागल ही तो हूँ आपकी चाहत में। पागल ही हूँ की आपको खोने को भी सोंच के डर जाती हूँ


मीना पहले मेरी बात सुनो। जाओ पहले खाना खाओ फिर बाद में बात करते है

नहीं खाना मुझे 

ये आपका आखिरी फैसला है खाना न खाने का तो मुझे भी अब आज तब तक बात न करनी जब तक खाना नहीं खाओगे और जब तक आप खाना नहीं खाओगे मैं भी खाना नहीं खाऊंगा। 


और रोहित ने कॉल डिस्कनेक्ट कर दी


मीना का फोन फिर से आ रहा था

हाँ अब क्या हुआ मीना

हम जा रहे खाने पर आप भी खा लो

मीना इतना तो जानती थी की रोहित जिद पे आ गया तो वही करेगा जो कह रहा है यानी खाना नहीं खायेगा।

मीना खाना खाने चली गई । इधर रोहित खाना बनाने लगा क्योंकि घर में इस वक़्त उसके पास कोई नहीं था।


तकरीबन 30 से 40 मिनट में खाना बन कर तैयार हो गया उसी वक़्त मीना कमरे में प्रवेश करती है।


लो हम भी आ गए खाना खाने आपके साथ क्या बनाया है मेरे पतिदेव ने

हाँ क्यों नहीं जरुर, 


रोहित ने मीना को अपने हाथों से खाना खिलाया क्योंकि रोहित ये जानता था की मीना ने शाम को सही से खाना नहीं खाया।

खाना खाने के दौरान ही मीना रोहित से लिपट गई।


रोहित आई लव यू आप बहुत अच्छे है और रोहित के पैर छू लिए। 

ये क्या किया करते हो पैर मत छुआ करो मुझे न प्रसंद

अरे मैं तो अपने पतिदेव के पैर छूती हु 


खाना खाने के बाद


अब समय बहुत हो रहा है आप अपने घर जाएँ। मैं भी सोने जा रहा हूँ


आज मुझे भी आपसे लिपट कर सोना है आपके साथ और मीना बिस्तर पर लेट गई।

मीना क्या कर रही मेरी बात मनो यार जाओ अब

हमेशा आपकी ही बात तो मानती हूँ मुझे थोड़ी देर आपके साथ रहना है बस।

रोहित मीना को बिस्तर से उठाने को जैसे ही झुका मीना ने रोहित को अपनी और खीच लिया और धीरे से बोली अपने दिल की धडकन थोड़ी देर सुन लेने दो प्लीज। आज कई दिनों बाद तो आपसे मिलने का मौका मिला है।


अब मीना रोहित के ऊपर लेटी हुई थी 

रोहित शादी के बाद हर रात मैं आपके साथ ही ऐसे ही लिपट के सोया करुँगी। दिन में कही भी रहो पर रात में मेरे ही साथ रहोगे।

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अब अक्सर मीना रोहित के पास आती और रोहित के साथ अपना वक़्त व्यतीत करती।

और हमेशा अलग होने की बात भी करती


अचानक एक दिन, रोहित अब हम अलग हो जाते हैं क्योंकि हमारी शादी को घर वाले नहीं तैयार होंगे। 

मीना मजाक मत किया करो इस तरह से


रोहित मैं मजाक नहीं कर रही आज के बाद आपको काल नहीं करुँगी और न ही आप मुझे करना


जैसी आपकी मर्जी मीना आप साथ रहना चाहो या न रहना चाहो जो भी फैसला आप करोगे हमें मंजूर है।

रोहित आपको कोई फर्क नहीं पड़ता हम साथ रहें या न रहे

ये आपको लगता है और प्यार तो स्वच्छंद है कोई इसे बांध कर न रख सकता। प्यार तो भावनाओं और मन के विस्वास की डोर से बंधा होता है।


हमें पता है की तुमको हमसे लगाव ही न है तुम हमसे शादी करना ही नहीं चाहते हो 


मीना आपको आज अभी या जिस वक़्त शादी करने का दिल करे बता देना मैं अगर इस शहर में हूँ तो सिर्फ 1 घंटे का वक़्त चाहिए होगा तैयारी के लिए। लेकिन जब भी कोई फैसला करना सोच विचार के करना क्योंकि हो सकता है वापसी का कोई रास्ता न बचे।

मैं नहीं चाहता मेरी तरह आप अकेले हो जाओ इस लिए घर वालों का साथ जरुरी है पर जहाँ घर वाले गलत हो वहां पर घर वालों की कोई जरुरत न रह जाती है।

मुझे अपने घर वालों को मनाने में कोई दिक्कत न है वो न नही कर सकते है क्योंकि मुझे उनको बताना है की मुझे आपके साथ शादी करनी है। आप अपनी बताओ


मैं जानती हूँ मेरे घर वाले नही तैयार होंगे। 


खुद से फैसला कर लिया। एक बार अपनी बात तो कह कर देखो। 

ठीक है कोशिश करते हैं लेकिन उम्मीद मत करना और मुझे काल मत करना


ओके मीना


अब मीना का दिल करता तो काल करती, रोहित को काल करने के लिए मन ही कर चुकी थी इसलिए रोहित काल नहीं करता था


वक़्त गुजरता गया और एक दिन 


रोहित आज के बाद हम आपसे बात नहीं करेंगे अब आपके साथ नहीं रह सकते। हम आपसे और झूठ न बोल पाएंगे ।आप एक अच्छी लड़की देख कर शादी कर लेना।


जैसी आपकी मर्जी। रही बात शादी की तो वो मुझे सोंचना है करनी है या नहीं

हाँ क्यों मेरे साथ न रहना चाहते अगर दिल करे तो वजह बता देना कोई दबाव न है


अब दोनों की बात होना लगभग बंद हो गई 

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मोबाइल की घंटी बज रही थी देखा तो मीना की काल थी फोन रिसीव करते ही


रोहित कैसे हो

अच्छा हूँ अपने सुनाओ आज कैसे याद आ गई


सच बताओ कोई दिक्कत तो न है मेरा दिल बहुत बेचैन है कुछ अजीब सा हो रहा है


मुझे कोई दिक्कत न है खुश तो हूँ आप अपनी बताओ। 

मैं तो ठीक हूँ


एक बात कहूँ आपसे 


हाँ बोलो


आप जिस लड़के के साथ हो जिससे शादी करना चाहते हो मेरी तरह उसके साथ मत करना पहले अपने घर वालों से बात कर लो फिर रिश्ते को आगे बढ़ाओ


देखते है किसी दिन कर लेंगे बात और आपने कोई लड़की प्रसंद की


नहीं, प्रसंद तो की पर नतीजा सामने है दिल में किसी को बसा कर फिर से दिल से निकालना बहुत मुश्किल होता है फिर भी सम्हलने की कोशिश कर रहा हूँ। आपके लिए दुआ करूँगा जहाँ भी रहो खुश रहो। मेरी तरफ से निश्चिन्त रहना मेरी वजह से आपको कोई प्राब्लम न होगी।


रोहित के फोन की घंटी बजे जा रही थी और रोहित ख्यालों में खोया हुआ था अचानक ख्याल टूटा तब तक फोन बंद हो चुका था रोहित ने मीना के दिए गिफ्ट को फिर से संभाल के रख दिया।


ये गिफ्ट महज एक गिफ्ट नहीं यादें हैं उन कुछ पलों की जो ख़ुशी से रोहित और मीना ने एक साथ बिताये थे


किसी ने सच ही कहा है:

 ""कोई किसी को प्यार नहीं करता, जो प्यार करता है सच्चे दिल से उसे कोई प्यार नहीं करता है।""











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