Republic Day Sale: Grab up to 40% discount on all our books, use the code “REPUBLIC40” to avail of this limited-time offer!!
Republic Day Sale: Grab up to 40% discount on all our books, use the code “REPUBLIC40” to avail of this limited-time offer!!

Meenakshii Tripathi

Tragedy

4  

Meenakshii Tripathi

Tragedy

किराए की कोख

किराए की कोख

2 mins
335


अस्पताल का गलियारा गर्भवती महिलाओं से भरा था ब्लीच की पूरी गंध भरी थी।मुझे असुविधाजनक और भारी लग रहा था डॉ कविता वर्मा ने अपने केबिन में प्रवेश किया मैंने एक नियमित जांच के लिए उसका पीछा किया।बच्चा बिल्कुल ठीक लग रहा है।"उसने एक मुस्कान के साथ कहा, सोनोग्राफी स्क्रीन की ओर इशारा करते हुए। "खूबसूरत छोटे छोटे हाथ देख रही हो ?" मैंने सिर हिलाया और मुस्कुराई।पर मैं खुश नहीं थी ।

वह मेरे अंदर सांसे लेकर अपनत्व का आभास करा रहा था। पर मैं उसे चाह कर भी अपना नहीं पा रही थी। हफ़्तों गुज़र जाने के बाद, मैं महसूस कर सकता थी कि बच्चा अन्दर हिल रहा है।आठ घंटों की नींद के बाद भी मैं रोज थकान का अनुभव करता थी।मेरे पेट को एक इंच से एक इंच बढ़ने के साथ असुविधा को सहन करना मुश्किल हो रहा था।

हर गुजरते दिन मुझे अपने फैसले पर पछतावा होने लगा ।मैं अधीर होती जा रही थी और वह दिन आ ही गया और।कष्टदायक दर्द बारह घंटे से अधिक चला।मैं घंटों जोर लगाती रही अच्छा दर्द और धीरे-धीरे में अचेतन होती गई।

 कुछ घंटे बाद जब मैं अपनी चेतना मे वापस आई तो मैं कमरे के चारों ओर देखा, "क्या हुआ लड़का है या लड़की?"मैंने पूछा।लेकिन डॉक्टर ने कुछ भी खुलासा नहीं किया।" मैं रोती रही गिड़गिड़ाती रही एक बार अपने बच्चे को देखना चाहती थी ।

जिसे नौ महीने मैंने अपने पेट में रखा था ।ये आपका चेक है इसे बैंक में जमा कर के आप पैसे निकाल सकती हैं।आप एक दिन में घर वापस जा सकती हैं, तब तक बस आराम करे। "

कोई कष्ट नहीं होता!यह बात मैंने कई बार सुनी थी। मुझे मुझे अब इसी दर्द के साथ जीना था हमेशा के लिए जीना था ,बिना शिकायत के।

आज मेरे पति की सर्जरी करने के लिए मेरे पास पर्याप्त पैसे है ।पिछले एक साल से वो बिस्तर पर हैं और जिनके ऑपरेशन के लिए मुझे पैसों की जरूरत थी ।सभी रिश्तेदारों ने मुंह मोड़ लिया मेरे पास कोई चारा नहीं था सिवाय सेरोगेसी के ।

सब कुछ ना कुछ बेचते हैं ,मैंने अपनी कोख। कुछ जटिलताओं के कारण, डॉक्टर ने कहा, मैं अब बच्चा पैदा नहीं कर पाऊंगी। नम आंखों नम आंखों के साल तक मनाते हुए कदमों से मैं अपने घर की ओर चल दी।


Rate this content
Log in

More hindi story from Meenakshii Tripathi

Similar hindi story from Tragedy