किन्नर
किन्नर
मैं नोएडा जाने के लिए अपनी बेटी के साथ बस में सवार हुई तभी एक हट्टी कट्टी दिखने वाली किन्नर पैसे मांगने के लिए आ धमकी। मुझे देखकर बड़ा दुख हुआ। और गुस्सा भी आया क्योंकि जब भी बस में या रेलगाड़ी में सफर करने चलो ये हमेशा मांगने के लिए आ जाते हैं जबकि शारीरिक बल से यह कहीं से भी कमजोर नहीं है। समाज में आजकल अपंग लोगों को भी रोजगार मिल जाता है फिर इन्हें क्यों नहीं ? मैं बड़बड़ाने लगी ये तो शादी में भी मोटी रकम ले जाते हैं। मैंने उसे ₹दस दे दिए लेकिन उसको नसीहत भी किया। लेकिन मेरे तो आगे की सीट पर बैठी हुई एक लड़की ने अपना पीछे चेहरा किया और मुझे बताया “दीदी यह हमारे मोहल्ले की लड़की है जब इसका जन्म हुआ था तो इसके माता-पिता इसे किन्नर की टोली में छोड़ गए थे तो बताओ यह बेचारी क्या करें।
