एक प्यार
एक प्यार
रात शांत , चाँद आधा था; जैसे किसी ने उसकी रोशनी का कुछ हिस्सा छिपा लिया हो। धीरे-धीरे हवा चल रही थी और पेड़ों की पत्तियाँ खामोश रहकर कुछ गुनगुना रही थीं।
उस रात चाँद ने पास आकर कहा, "आँखें बंद कर लो।" पर इन आँखों में अकेलापन था, नई दृश्य दिख रहे थे, तब भी नींद नहीं आ रही थी। कभी-कभी ज़िंदगी में कोई ऐसा आ जाता है जो हमारी आदत बन जाता है। हम दूर रहकर भी पास होते हैं। उसकी मौजूदगी हर रात की हवा में होती है, सपनों का नहीं बल्कि मन का एक एहसास रहता है। अपने प्रिय के प्रति हर रात आधी नींद की दुनिया खुलती है। वह रास्ता एक चेहरे का नहीं, अनेक मौजूदगी दिखाता है। सपनों की दुनिया अजीब थी।
वहाँ कोई शोर नहीं था, बस हम साथ थे। वह इंतज़ार एक इंतज़ार नहीं, बल्कि विश्वास बन जाता है। सपनों के किनारे हम साथ बातें करते थे, जैसे नदी का पानी शांत बहता हो और जैसे चाँद की रोशनी उसमें चमकती हो। उस रोशनी में चेहरा साफ-साफ सिर्फ उनका ही रहता था।
हर रात कल के दिन की उम्मीद होती है; शायद कोई संकेत, शायद कुछ बात हो, या शायद आज कोई ऐसा पल आए जो कल को पूरी तरह बदल दे।
