Shyam Raj

Drama


4.5  

Shyam Raj

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दोस्त : मेरी जिन्दगी

दोस्त : मेरी जिन्दगी

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यार मुझे कुछ समझ में ही नहीं आया मैं तो पूजा से बात कर रहा था कि अचानक

इतना सा कह कर सुरेंद्र वहाँ से चलने लगा पर उसके दोस्त दया को ये बात जमी नहीं तो वो उसको रोकने के लिये पीछे से आवाज लगता हैं ऐ भाई रुक ना मैं भी तेरे साथ ही चलता हूँ 

सुरेंद्र पीछे मुड कर देखता हैं कि दया भी उसके पास ही आ जाता हैं , दोनों साथ साथ चलने लगते हैं बातों ही बातों में दया उससे जानने की कोशिश कर रहा था कि उस दिन क्या हुआ था ! पर वो कुछ बताने को तैयार ही नहीं था कह रहा था ! मुझे जितना पता था उतना मैंने बता दिया अब तो मेरा पीछा छोड़ दो !

   उसकी बातों पर दया को शक तो था ही पर ज्यादा दबाव डालना उसने उचित नहीं समझा , चल ठीक हैं कोई बात नहीं अगर मेरी जरूरत हो तो बात कर लेना मुझसे  सुरेंद्र उसके जाने के बाद थोड़ा अच्छा महसूस करने लगा पीछा जो उससे छूटा !

दया के दिमाग़ में अभी भी कई सारे सवाल एक साथ उथल पुथल हो रहे थे कि उस दिन अगर मैं सबके साथ होता तो शायद ऐसा नहीं होता , अब क्या हो सकता हैं जो होना था वो तो हो ही गया !

पर दया अभी भी ये ही जानने कि कोशिश कर रहा था उस दिन जब सुरेंद्र , राहुल , विक्की और पूजा मिले थे तब क्या हुआ था !

     सुरेंद्र , राहुल , दया , विक्की और पूजा सभी स्कूल टाइम से ही साथ साथ पढ़ते आ रहे हैं इनकी दोस्ती के चर्चे तो स्कूल टाइम से ही होते रहे हैं ! किसी से मज़ाक करना हो या फिर लड़ाई झगड़ा सभी साथ ही रहते थे पता ही नहीं चलता था कि पाँचो अलग अलग हैं क्या? एक की बात पर सब सहमत हो जाते थे चाहे किसी ने भी कही हो !

     एक बार किसी ने क्लास में विक्की को मोटा दिया था उस लड़के की सब ने मिल कर ऐसी हालत की कि वो लड़का फिर गलती से भी उनसे ! उसकी गलती नहीं थी क्योंकि विक्की हकीकत में मोटा ही था क्लास में सबसे अलग ही चाल थी उसकी ! पर प्यारा बहुत था उसके दोस्त उसे प्यार से कुछ भी कह देते थे पर कोई और उसको कुछ बोले ये उन सब को पसंद नहीं था !

   पूजा उन सब में समझदार लड़की थी अगर उनके बीच कुछ अनबन हो जाती थी तो वो ही सब को समझा कर फिर से सब की दोस्ती करवा देती थी ऐसा सिर्फ एक दो बार ही हुआ था अब तक ! राहुल थोड़ा शर्मिला लड़का था सभी उसको बहुत चिढ़ाते थे !

   सुरेंद्र आज भी वैसा का वैसा ही हैं जैसा वो स्कूल टाइम में हुआ करता था बस थोड़ा सा सुधार आया हैं अब किसी से पंगे नहीं लेता ! स्कूल के टाइम में तो जिस भी क्लास में रहा पंगे लेने में मास्टर था ! इसके दोस्त अधिकतर इसी के पंगे सुलझाते रहते थे ! बस इसके मन में आना चाहिये कि इससे पंगा लेना हैं बस फिर क्या था ले लेता परिणाम चाहे कुछ भी निकले ! एक बार तो स्कूल से निकलने की नौबत तक आ गई थी इसको ! परन्तु दोस्तों ने बचा लिया !

  राहुल कि तो बात ही निराली थी ये तो आशिक था किसी ना किसी के ख्यालो में खोया रहता था और हाँ रोज इसकी चाहता बदलती रहती थी क्योंकि जो भी सुन्दर लड़की दिखती प्यार हो जाता था महोदय को ! एक बार तो पिटे पिटे बचा था

      दया को सब प्यार करते थे होशियार होने के साथ साथ वह दिल का अच्छा लड़का था टीचर्स भी अच्छा मानते थे इसको पर एक बात सभी टीचर्स को बुरी लगती थी इसकी शरारती बच्चों के साथ इसका रहना !

   स्कूल ख़त्म सभी ने फिर से एक ही साथ एक ही कॉलेज में एडमिशन ले लिया ! यहाँ भी इनकी यारी-दोस्ती वैसी ही रही जैसी स्कूल में थी पर चर्चा तो पूछो ही मत स्कूल टाइम से भी ज्यादा होने लगी थी ! अभी तक किसी ने भी अपने केरिअर को लेकर कोई भी योजना नहीं बनाई थी बस मौज मस्ती में लाइफ कट रही थी पर ये टाइम हैं ना साहब रेत हैं मुट्ठी में पकड़ना चाहो नहीं पकड़ में आता फिसल ही जाता हैं सोच रहे थे सभी अच्छा टाइम चल रहा हैं और आगे भी चलता रहेगा पर नहीं

  धीरे धीरे टाइम बीतता गया और कॉलेज की पढ़ाई भी पूरी हो गई ! अब सभी के सामने एक ही सवाल अब क्या करे???

      पूजा तो आगे पढ़ना चाहती थी अपने घर वालो को कहा तो मान गये उसके घर वाले परन्तु उसको कह दिया कि एक साल में ही तेरी शादी भी कर देंगे अच्छा सा लड़का देख कर !

       अब बचे चारों लडके वो क्या करे?? 

विक्की के पापा कि तो कपडे कि दुकान थी तो उसको ज्यादा इधर उधर जाने कि जरूरत ही नहीं पड़ी वो वही अपने पापा के साथ उनको दुकान के काम में हाथ बटाने लगा और दुकान के कामों में बिजी रहने कि वजह से दोस्तों से मिलना जुलना भी कम हो गया उसका !!

दया के पापा सरकारी कर्मचारी थे तो चाहते थे कि दया भी सरकारी नौकरी ही करे तो उसको दूसरे शहर में कोचिंग के लिए भेज दिया एक डेढ़ साल का समय लगा पर वो सरकारी नौकरी लग गया और बड़ा अफसर बन गया !

राहुल अपनी शादी के बाद बदल गया अब रेणु का ही उसके दिल पर राज हो गया अब दूसरी लड़कियो को उस नजर से नहीं देखता जिस नजर से स्कूल और कॉलेज लाइफ में देखता था अब वो मल्टीनेशनल कंपनी में जॉब करने लगा ! रेणु से भी उसकी मुलाक़ात इसी कंपनी में हुई थी !

सुरेंद्र का अभी कुछ नहीं हुआ वो आज भी अच्छे जॉब की तलाश कर रहा हैं पर हाँ उसने अभी हार नहीं मानी

सभी अच्छी अच्छी जगह सेट हो गये सुरेंद्र को छोड़ कर

इसी दौरान पूजा की सगाई एक बिजनेस मेन से हो गई तो पूजा ने सभी दोस्तों को पार्टी देने के लिये सभी को फोन किया और फिक्स दिन , जगह और टाइम बता दिया

सभी उस दिन का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे क्योंकि बहुत दिन हो गये थे एक दूसरे से मिले ! सभी के मिलने का स्थान एक फाइव स्टार होटल था !

वो दिन आ ही गया और पूजा सबसे पहले होटल पहुंच गई अब धीरे धीरे सभी दोस्त भी आ गये सिर्फ दया को छोड़ कर ! राहुल अपने साथ अपनी पत्नी रेणु को भी लेकर आया था ! सभी एक दूसरे को देख कर खुश हो रहे थे हालचाल पूछ रहे थे ! पूछते भी क्योंकि नहीं अपने अपने कामों में व्यस्त रहने की वजह से मिलना ही नहीं होता था एक दूसरे से और दया का इंतजार कर रहे थे !

(पूजा ने दया को फोन लगाया )

पूजा :- हेलो दया

दया :- हाँ पूजा तुम्हें याद हैं ना कि आज हम सभी दोस्त

क्या हुआ तुम्हें छोड़ कर सब आ चुके हैं कहाँ हो तुम?? 

दया :- सॉरी यार पूजा मैं आज नहीं आ सकता किसी जरुरी काम से दूसरे शहर जाना पड़ रहा हैं 

(बीच में ही बात काटते हुए )

पूजा :- तुमने तो कहाँ था ना कि कुछ भी हो जाये मैं जरूर आऊंगा

दया :- यार समझा करो आज नहीं आ सकता और कभी मिल लेंगे 

पूजा ने गुस्से में फोन काट दिया

क्या हुआ पूजा क्या कहाँ दया ने आ रहा हैं ना वो???

विक्की ने पूछा !

नहीं आ रहा हैं वो बड़ा अफसर बन गया ना (रुआंसे स्वर में)

राहुल ने कहा कोई बात नहीं हम सब हैं ना एन्जॉय करेंगे सुरेंद्र ने भी हामी भर दी

दया नहीं आने कि वजह से सभी थोड़ा थोड़ा अपसेट लग रहे थे फिर भी ऐसे मुस्करा कर एक दूसरे से बातें कर रहे थे मानो सब ठीक हैं ! सभी एक गोलाकार टेबल के चारों ओर लगी कुर्सियों पर बैठ गये 

पूजा ने सब से पूछ कौन क्या क्या लेगा , उसको सब कि पसंद पता थी फिर भी ऐसे ही पूछ लिया सुरेंद्र ने बियर के लिये बोला तो सभी ने सहमति में हाँ कर दी पूजा ने अपने ओर रेणु के लिये जूस ओर सब के लिये एक एक बियर का ऑर्डर दे दिया साथ में स्नैक्स का भी पार्टी चीयर्स के साथ शुरु हुई सब आपस में मज़ाक कर रहे थे और एक दूसरे की स्कूल और कॉलेज लाइफ के बारे में बता रहे थे ! अभी पार्टी शुरु हुए थोड़ा सा टाइम ही हुए था कि विक्की रेणु के साथ मज़ाक करने लगा जो राहुल को पसंद नहीं आ रहा था , फिर भी चुप रहा ये बात पूजा ने नोटिस कर ली कि राहुल को विक्की का रेणु से बात करना अच्छा नहीं लग रहा हैं तो उसने विक्की का ध्यान रेणु से हटाने के लिये ऐसे ही पूछ लिया कि क्या चल रहा तेरे पापा कि दुकान में??? विक्की ने भी उसकी बात पर ज्यादा ध्यान ना देते हुए ऐसे ही बोला बस सब ठीक चल रहा हैं और फिर से रेणु से बात करने लगा और मज़ाक मज़ाक में बोल दिया कि आप तो 

राहुल को विक्की का रेणु से ये कहना अच्छा नहीं लगा और उसने राहुल को एक जोरदार थप्पड़ मार 

बाकि दोस्त कुछ समझ पाते उससे पहले ही बहुत गाली देता हुआ रेणु का हाथ पकड़ वहाँ से जाने लगा पूजा और सुरेंद्र ने रोकने कि कोशिश भी की पर वो नहीं माना और रेणु को लेकर चला गया

विक्की भी उसको मरने के चककर में उसके पीछे पीछे ही चला गया और फिर वापस होटल में नहीं आया 

अब सिर्फ पूजा और सुरेंद्र ही बचे वहाँ पूजा ने बिल पे क्या और वहाँ से चली गई फिर उसके पीछे पीछे सुरेंद्र भी

सब का मूड ऑफ 

अगले दिन दया ने पूजा को फोन किया तो उसे पता लगा कि कल दोस्तों के बीच लड़ाई हो गई पर किस बात पर हुई पूजा ने नहीं बताया उसको वो नाराज थी उससे और फोन रख दिया

अब दया ये जाने के लिये सभी दोस्तों के पास फोन लगाया पर किसी ने उससे सीधे मुँह बात तक नहीं की 

अब दया ने सोचा सब से मिलना ही पड़ेगा और क्या बात हुई पता करना होगा एक दिन बाद ही संडे था तो उसने सब से मिलने का प्लान बनाया

सबसे पहले वो सुबह-सुबह सुरेंद्र के पास गया पर उसने कुछ नहीं बता अब वो राहुल के पास गया तो राहुल पहले ही गुस्से में था हाई हेलो हुई जैसे ही दया ने पार्टी की बात की तो और लाल पीला हो गया और विक्की को गाली देने लगा उसकी इतनी हिम्मत की मेरे बेरे में रेणु को ऐसा बोला और वो क्या रेणु को

कुतततततता हरररामम्मी मिलेगा तो मैं उसकी ऐसी ते कर दूंगा मार दूंगा सांसे तेज तेज चल रही थी उसकी

   दया उसको चुप कराता हैं और क्या हुआ शुरु से बताने के लिये बोलता हैं (थोड़ा सा सांस लिया उसने अब )

दया :- भाई आराम से बताओ क्या हुआ था उस दिन???

राहुल :- (थोड़ा सा रुँआसी सा) यार वो हमारी स्कूल और कॉलेज लाइफ थी हमने उसमें क्या किया क्या नहीं किया अब उन बातों को करने का क्या फायदा नादान थे उस सयम हम मेरी और ख़ुशी वाली बात रेणु को बता दी और कहने लगा कि मैं लड़कियो के ही चिपका रहता था ये सब बातें तो मैंने सहन कर ली पर सबके सामने ही उसने रेणु को दो तीन बार सेक्सी , हॉट बोल दिया 

 यार अब वो पहले वाली बात नहीं रही मैंने रेणु के आने के बाद सब लड़कियो को उस नजर से देखना छोड़ दिया हैं अब मैं उसको बहुत प्यार करता हूँ उसके लिये तो अपनी जान भी दे सकता हूँ और वो सब दोस्तों के सामने रेणु को ऐसा वैसा बोल रहा था मेरी जगह तू होता तो क्या करता???

दया :- यार देख तू विक्की को जानता हैं ना स्कूल टाइम से ही अच्छा लड़का हैं वो ! मज़ाक में बोल दिया होगा वो दिल का बुरा नहीं हैं इधर उधर कि बहुत सारी बातें कर के उसको माना लेता हैं और विक्की से मिलने को कहता हैं

पर राहुल उससे मिलने को मना कर देता हैं दया की बहुत कोशिश के बाद वो मान जाता हैं

दया चाहता था कि सबकी दोस्ती पहले जैसी ही बनी रहे तो उसने सब को फोन कर के मिलने के लिये बोला सब तैयारी हो गये मिलने के लिये पर विक्की किसी से भी नहीं मिलना चाहता था तो दया ने पूजा और सुरेंद्र को विक्की के पास भेजा और उसे लाने के कहा ! बड़ी मुश्किल से विक्की आने को तैयारी हुआ ! विक्की को लेकर वो दोनों दया और राहुल के पास पहुचे ! दया ने सब के लिये चाय मंगवाई विक्की और राहुल एक दूसरे को देख भी नहीं रहे थे पूजा भी चुप चाप सी बैठी हुई थी

 दया दोनों कि बात करवाने कि कोशिश कर रहा था पर बात नहीं बन रही थी इतने में चाय वाला चाय लेकर आ गया सब ने चाय ली

पर अभी तक कोई बात नहीं बनती देख पूजा ने कहा में जा रही हूँ इन दोनों ने तो कसम खा ली हैं अभी भी बात न करने की दया ने उसको रोका और विक्की और राहुल से पूछा क्या चाहते हो तुम दोनों जाये हम सब यहाँ से अगर आज गये तो जिंदगी में फिर कभी नहीं मिलेंगे भूल जाना एक दूसरे को ! उसकी बातें सुन विक्की ने राहुल को सॉरी बोला और अपना हाथ आगे बड़ा दिया राहुल भी सबकी दोस्ती नहीं छोड़ना चाहता था तो बिना मन के उससे हाथ मिला लिया अब क्या था विक्की ने फिर से सॉरी बोल राहुल को अपनी तरफ खींच गले लगा लिया राहुल से भी नहीं रहा गया उसने भी विक्की को कस कर पकड़ लिया और सॉरी बोला यार उस दिन मुझे हाथ नहीं उठाना नहीं चाहिये था और रोने लगा दया , पूजा और सुरेंद्र भी उन्ही के ही और सबके आँशु आ गये अद्धभुत सा नजारा बन गया वहाँ और जितने भी लोग थे सब उनको ही देखने लगे और उनके आँशु अब ख़ुशी के आँसू बन गये सबने हमेशा अच्छी दोस्ती रखने की कसम खाई और अपने अपने घर के लिये रवाना हुए।


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