sai mahapatra

Drama Tragedy


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Drama Tragedy


बेटा बड़ा हो गया

बेटा बड़ा हो गया

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एक शहर में एक गरीब के घर में एक बचा पैदा हुआ था। उसको बड़ा करने में उस गरीब बाप कड़ा परिश्रम करता था। लिकिन उस बच्चे को जब ४साल हुआ था उसकी किड़नी ख़राब हो गया तो इसलिए उस गरीब बाप ने अपनी बच्चे को बचाने केलिए अपनी एक किड़नी देकर बचाया।

वो बच्चा धीरे धीरे बड़ा होने लगा ।और पढ़ाई करने केलिए बड़े से बड़े कॉलेज में पढ़ने केलिए अपनी बाप को २५ लाख रूपए देने की मांग करने लगा ।

उसकी बाप ने उसकी बेटे को कहने लगा देख बेटा मेरे पास इतना पैसा नहीं है में तुझे उस बड़े बेसरकरी कॉलेज में इतने बड़े रकम देकर पढ़ा नहीं सकता।तू यहीं कहीं सरकारी कॉलेज में पढ़ाई कर ले।

     इए सुनकर उसका बेटा बोला आप कैसा बाप हो में पढ़ाई करना चाहता हूं आप मुझे पैसे देने केलिए मना कर रहे हो मेरे सारे दोस्त उस कॉलेज में पढ़ने केलिए जा रहे है।

में अगर किसी और के घर पैदा होता वो मुझे पढ़ने केलिए अपनी एक किड़नी दे देता पर मुझे पढ़ाई करने केलिए जरूर बेझता।इए बात सुनकर उसका बाप ज़मीन पर बैठ गया ।और थोड़ी देर बाद वो घर से निकल कर चला गया।

वो घर से निकल कर अपनी सहर के एक बहत बड़े गुंडे के पास गया और कहा मुझे२५ लाख रूपए की जरूरत है आप जो कहेंगे में करने केलिए तैयार हूं।तब उस गुंडे ने बोला मेरे पास एक काम है आप अगर कर पाएंगे तो बोलूंगा। हां हां में कर पाऊंगा अचानक बोल पड़े उस बेटे की पिताजी।तब उसने बोला एक राजनेता की बेटी है उसकी अपहरण करना है ।इए सुनकर उन्होंने तुरंत मना कर दिया और घर लौट के आ गए।फिर वो अपने घर को गिरवी रख कर २५लाख रुपए लाकर अपने बेटे को उस बड़े से कॉलेज में पढ़ने केलिए भेजा।बेटा पढ़ाई करने के बाद ४साल बाद घर लौट कर आया। फिर उसकी पिताजी ने उसको बोला बेटा मैंने तुम्हारे लिए इए घर गिरवी रखा था अब तुम आ गए हो तो इसको जल्दी जैसे कर्ज़ मुक्त करे और अपना घर फ़िर से अपना हो जाए इस बारे जरा सोचना पड़ेगा।तब बेटा बोलता है घर को कर्ज मुक्त करना मेरी जिममेदारी नहीं है । कर्ज़ आपने लिया है आप ही चुकाएं ।मुझे पढ़ना आप का फर्ज था।


  यह सुनकर उनका दिमाग हिल गया और कर्ज़ ना चुका पाने के कारण घर भी नीलम हो गया।और अब वो उनके बेटे के साथ एक किराए के मकान में रहने लगे। फ़िर थोड़ी दिनों के बाद उस बेटे की शादी हो गया फ़िर वो अपने बाप को कहने लगा पिताजी हमको तोड़ा फ़्रीडम चाहिए आप थोड़ा अपना अलग इंतेज़ाम कर दीजिए।मैने आपके लिए बुद्ध आश्रम देखा है उसमें कुछ परेशानी नहीं होगी में आपको रोज मिलने केलिए आऊंगा।उसकी पिताजी ने घर छोड़कर जाते हुए कहने लगे बेटा मेरा बड़ा हो गया।



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