STORYMIRROR

Kavita Sharrma

Inspirational

3  

Kavita Sharrma

Inspirational

अंतर्मन

अंतर्मन

1 min
8

 उस दिन उसने काम करते हुए एक रूपया उठा लिया था। 
मालिक को शायद कभी पता भी न चलता,न ही एक रुपये से 
उसे कोई फ़र्क ही पडने वाला था। रामदीन को पिछले तीन से थोड़ा गुमसुम सा देखकर मालिक धनराज ने उससे पूछा कि क्या कारण है तो वो भावुक हो गया और बोला कि मैं अब यहां काम नहीं कर सकता मुझसे बहुत बड़ा अपराध हो गया 
बहुत पूछने पर सच बताकर उसने माफी मांगी और कहा कि वो अब यहां काम नहीं कर पाएगा मालिक ने बहुत समझाया कि मात्र एक रूपया ही था क्या हुआ भूल जाओ पर वो 
अपनी बात पर अडिग रहा और एक रूपया मालिक के हाथ पर रखकर हाथ जोड़े और भीगी आंखो से वहां से तुरंत चला गया। मालिक धनराज उसे जाते हुए देखते रहे उन्हें पता था कि उसके अंतर्मन की आवाज थी।


Rate this content
Log in

Similar hindi story from Inspirational