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VanyA V@idehi

Inspirational

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VanyA V@idehi

Inspirational

ज़िन्दगी की रफ्तार

ज़िन्दगी की रफ्तार

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जिन्दगी की रफ्तार जो थम जायें।

समझ लो आदमी का दम निकल जाये।। 


उम्र रहते कर लो अपने सारे काम।

ज़िन्दगी कहीं बर्फ जैसी न जम जायें।। 


गलत राहों से अगर गुजर रहे हो तो।

देखो राह में कहीं कांटे ना चुभ जायें।


शराबी बन जाता है दुखी हुआ आदमी ।

समझता था हयात से गम बढ़ जायें।। 


 कभी नहीं बिगड़ता कोई आदमी।

अगर कोई उसे संवारने में रम जायें।। 


अनपढ़ हुआ तो क्या वो है आदमी।

कोरे स्टॅम्प पर न कभी थम जायें।। 


अगर आप जिन्दगी को समझ लो।

तो समझते ही दुनिया से गम जाये।।

    


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