युद्ध या शांति
युद्ध या शांति
भारत का इतिहास गौरवशाली है
परंपराओं और संस्कृति से समृद्धशाली है
राजा की शानो-शौकत क्या कहना
मंत्रियों से चर्चा में अक्सर घिरे रहना
राज्य की सुरक्षा की जिम्मेदारी थी उसपर
वीरता का परिचय दिया शत्रु से युद्धकर
भारत हमेशा अहिंसा में विश्वास करता रहा है
युद्ध भूमि में यह उदाहरण भी देखा गया है
गौरी को देकर दया का दान पृथ्वीराज बने महान
शत्रु पर विजय पाकर भी इंसानियत का पकड़ा मार्ग
भारत की संस्कृति रही सदा है महान
शांति पथ पर चलकर सदा बने हैं काम।
