STORYMIRROR

Sandhya Chaturvedi

Romance Tragedy

3  

Sandhya Chaturvedi

Romance Tragedy

ये गलियां ,ये चौबारे

ये गलियां ,ये चौबारे

1 min
199

ये गलियाँ, ये चौबारे,

बचे नहीं अब उजाले।

जब से भये तुम परदेशी,

लगता अपना यहाँ कोई नहीं।।


ये गलियाँ, ये चौबारे......


तूने जो भेजी है साड़ी,

देख मैंने पहनी है अभी।

मुझे देख तेरी आँख क्यूं भर आयी

तेरे घर में रह गयी बन मैं परायी।।


ये गलियाँ, ये चौबारे.....

जब दिल तेरा धड़के बड़े जोर से,

रोये, तू शहनाई के भी शोर से।

तब तू ये समझ ना,

मेरी अर्थी उठी है फूलो वाली।।


ये गलियाँ, ये चौबारे......


कल भी सूरज निकलेगा,

कल भी कलियाँ महकेगी

सब तुझ को दिखायी देंगे,

बस हम ना नजर आयेंगे।।


ये गलियाँ, ये चौबारे.......

देख तू ना आया परदेश से,

तेरे गम ने कफ़न उड़ा डाला।

कैसा मोड़ आया आज

अपनो ने अपनो को मार डाला।।

ये गलियाँ, ये चौबारे.....


गाना-#ये गलियां ये चौबारा 

फ़िल्म-#प्रेमरोग

#गानेपरगाना


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance