Renuka Middha
Classics
यादों की महक दूर तलक जायेगी,
ये महज़ कुछ क़दम का साथ नहीं।
रहेगी ताउम्र सीने में दफ़न,
बन के ख्याल तेरी जुस्तजू का।
दिल नहीं दीवार नहीं,
पत्थर नहीं नहीं कोई साहिल।
यादें हैं इक हसीं ख्वाब की,
पल पल कभी हर पल मुस्कुराएगी !
मासिक धर्म
ये रात फिर ना...
यादों की महक
आख़िर कौन हूँ...
कुछ अपनी सुना ये मन मेरा मायल हुआ तूने निभायी वफ़ा यूँ ही तेरा का़यल हुआ। कुछ अपनी सुना ये मन मेरा मायल हुआ तूने निभायी वफ़ा यूँ ही तेरा का़यल हुआ।
कभी कभी तो दिखता भी नहीं था कभी पृथ्वी पर, कभी आकाश में कभी कभी तो दिखता भी नहीं था कभी पृथ्वी पर, कभी आकाश में
आंख में कजरा, बाल में गजरा बिंदिया जो लगाई रे. आंख में कजरा, बाल में गजरा बिंदिया जो लगाई रे.
------- भीम के हाथों मदकल, अश्वत्थामा मृत पड़ा, धर्मराज ने झूठ कहा, मानव या कि गज। ------- भीम के हाथों मदकल, अश्वत्थामा मृत पड़ा, धर्मराज ने झूठ कहा, ...
मेरा देश, बहुत विशाल, एक तरफ हिमालय। मेरा देश, बहुत विशाल, एक तरफ हिमालय।
मोहब्बत में अगर स्वार्थ होता तो शिव और गोरा का नाम ना होता! मोहब्बत में अगर स्वार्थ होता तो शिव और गोरा का नाम ना होता!
राम ही साकार है, और निराकार भी राम हैं। राम में सारे गुण भरे, राम ही साकार है, और निराकार भी राम हैं। राम में सारे गुण भरे,
घटिया जन से बचना, वो होते हैं जैसे हो नाग।। घटिया जन से बचना, वो होते हैं जैसे हो नाग।।
ब्रूटस था रोम का राजा, पाले गिद्ध विशाल। ब्रूटस था रोम का राजा, पाले गिद्ध विशाल।
जाने कितनी ही कुंठाओं का द्वापर से अब तक चुभता कांटा। जाने कितनी ही कुंठाओं का द्वापर से अब तक चुभता कांटा।
भीष्म पितामह को भी तो था, इसी इच्छा मृत्यु का वरदान, भीष्म पितामह को भी तो था, इसी इच्छा मृत्यु का वरदान,
समझ मे आया तो अच्छा असर कर जाता, नहीं तो सब उलटा पालटा हों ही जाता। समझ मे आया तो अच्छा असर कर जाता, नहीं तो सब उलटा पालटा हों ही जाता।
दख्खन से दहाड़ा जो , शेर-ए-हिंद शिवाजी राजा था !! दख्खन से दहाड़ा जो , शेर-ए-हिंद शिवाजी राजा था !!
दिलों की मधुर आवाज ये बेटियाँ, सुरों की सरताज होती ये बेटियाँ। दिलों की मधुर आवाज ये बेटियाँ, सुरों की सरताज होती ये बेटियाँ।
एक ज़िंदगी में तुम साँसें भरते हो जान, गाहे-बगाहे आया भी करो एक ज़िंदगी में तुम साँसें भरते हो जान, गाहे-बगाहे आया भी करो
जालिम होती ये दुनिया, बचकर ही रहना है, पाप कर्म में लीन रहेगा, निश्चित मिलते टोंट।। जालिम होती ये दुनिया, बचकर ही रहना है, पाप कर्म में लीन रहेगा, निश्चित मिलते ...
छुड़ा दो कैद से मेरा मन चमन, गूंजेगी तभी धुन, बजेंगे सरगम। छुड़ा दो कैद से मेरा मन चमन, गूंजेगी तभी धुन, बजेंगे सरगम।
शंकु बहु प्रतिभा स्वामिनी, मंत्रोच्चारण में अति प्रवीण। ज्योतिष और साहित्य में जिसने, शंकु बहु प्रतिभा स्वामिनी, मंत्रोच्चारण में अति प्रवीण। ज्योतिष और साहित्य मे...
कैसे आधार मैं महाभारत हो गई .... कैसे धर्मराज स्वर्ग के काबिल हो गया कैसे आधार मैं महाभारत हो गई .... कैसे धर्मराज स्वर्ग के काबिल हो गया
महा ज्ञानी मैं पराक्रमी मैं भूल थी था जरा अभिमानी मै कुल भी उच्च मेरा। महा ज्ञानी मैं पराक्रमी मैं भूल थी था जरा अभिमानी मै कुल भी उच्च मेरा।