यादों की महक
यादों की महक
यादों की महक दूर तलक जायेगी,
ये महज़ कुछ क़दम का साथ नहीं।
रहेगी ताउम्र सीने में दफ़न,
बन के ख्याल तेरी जुस्तजू का।
दिल नहीं दीवार नहीं,
पत्थर नहीं नहीं कोई साहिल।
यादें हैं इक हसीं ख्वाब की,
पल पल कभी हर पल मुस्कुराएगी !
