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Tanya Goyal

Abstract

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Tanya Goyal

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यादगार बदलाव

यादगार बदलाव

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मैं खुश हूँ कि कोई मेरी,

बात तो करता है।

बुरा कहता है तो क्या हुआ,

वो याद तो करता है।


कौन कहता है की नेचर

और सिग्नेचर कभी बदलता नहीं,

बस एक चोट की ज़रूरत हैं,


अगर ऊँगली पे लगी तो

सिग्नेचर बदल जाता है,

और दिल पे लगी तो

नेचर बदल जाता है।


साहित्याला गुण द्या
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