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ritesh deo

Abstract Romance

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ritesh deo

Abstract Romance

याद तुम्हारी

याद तुम्हारी

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तुमको जाते हुए हमारा ख्याल तो आया होगा

मुड़ कर देख लेते तो ए हाल न बनाया होता


तुमको जाने दिया इस बात का मलाल रह गया

तुम्हारे जाने के बाद तुम्हारा ही ख्याल रह गया


आंख तुम्हारी भर गई जरा सा छलका देते

जा रहे थे हम तुम जरा सा हाथ बड़ा देते


एक अधूरी कहानी को छोड़ कर तुम बड़ गए

हमारी जिंदगी को तो प्यार के दर्द से भर गए


तुम्हारे इतना करीब था की बिछड़ न पाऊंगा

तुम्हारी आंखों में आंसू कभी देख न पाऊंगा


बिछड़ कर भी किसी मोड़ पर तुमसे मिल जाऊंगा

प्यार तो सच्चा किया ऐसे कैसे बिछड़ जाऊंगा


एक झलक तुम्हारी प्यार का एहसास कराती हैं

मोहब्बत क्या है तुमसे बिछड़ने के बाद याद आती है


तुम्हारी आहट प्यार की खुशबू बिखर जाती थी

तुम गए इस तरह की प्यार खुशबू तक न आती है ..


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