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Anshuman Mishra

Abstract

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Anshuman Mishra

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वतन हमारा

वतन हमारा

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वतन हमारा प्यारा भारत,
हर कण इसका दीप समान।
त्याग, तपस्या, वीरों की धरती,
गूँज उठे हर साँस में गान।।

सरहद पर जो प्रहरी ठहरे,
नींद हमारी जिनकी देन।
धूप-शीत, वर्षा सहते हैं,
हरदम चौकस ना लेते चैन।

गंगा, यमुना की लहरों में,
बहता इतिहास हमारा है।
खेतों में जो लहराए हरियाली,
शस्य -श्यामला प्यारा है।

हिंदी, उर्दू, तमिल-बांग्ला,
भाषाएँ अलग रंग हजार 
एकता की मिसाल है भारत,
सभी में रहता प्रेम अपार।।

जब तिरंगा लहराता नभ में,
धड़कन तेज़ चलने लगती है।
"वंदे मातरम्" की हुंकारों से,
धरती भी चहकने लगती है।।

नमन तुम्हें हे वीर सपूतों,
तुमसे ही भारत महान।
तुम्हारे बलिदानों से ही
जग में चमकता हिंदुस्तान।।








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