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Arunima Bahadur

Inspirational

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Arunima Bahadur

Inspirational

वर्तमान ही सर्वस्व

वर्तमान ही सर्वस्व

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सोच सोच तू कल की बातें,आज अपना जला रहा है।

आज में ही जी ले प्यारे,वक्त तुझे आज सिखा रहा है।।


कल कल कर कितने पल को खोया,न समझ पाया।

जीवन चल एक पगडंडी से,अंत की ओर ले आया।।


जीवन के बाद की भी एक यात्रा,आज जिसे बनाये।

हम सब भूले भटके मानव,आज को सदा ही भुलाए।।


खुशियां जो अंतस में रहती,जीवन भर उसे खोजा।

मृग बन वन वन ही भटके, खोजने अपनी कस्तूरी।।


प्रस्थान को अब जीवन अपना, दर्द बड़ा ही सताए।

जीवन का मूल्य न समझा, मन बड़ा ही अकुलाए।।


क्या होगा जीवन के बाद,स्वर्ग मिलेगा या नरक।

अब सोच कर क्या करेगा,जब व्यर्थ गवांया वक्त।।


जाग मनुज अब ले ले सुध,खुद से भी मिल ले न।

वक्त की चाभी तुझे सिखाती,मुस्कान भर ले तू न।।


यह प्यारी एक जीवन यात्रा,पल पल तुझे सिखाने को।

सशक्त अब यू बने,शूल संघर्ष आये तुझे सिखाने को।।



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