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Raja Sekhar CH V

Abstract

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Raja Sekhar CH V

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वक़्त में ठहराव

वक़्त में ठहराव

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कभी कभी लगता है वक़्त में है ठहराव,

आते जाते रहेंगे ज़िंगदगी में कई पड़ाव,


चाहे कैसे भी हम लगालें कितने भी दांव,

सामना करना होगा मुश्किलों का पथराव,


सदा ऊंचा ही रखना है अपने मन के भाव,

धीरज का न हो कभी भी कहीं भी अभाव,


दिखते ही रहेंगे ज़िन्दगी भर दूप और छाँव,

खुद ही पार करानी होगी कामयाबी की नांव,


झेलने भी पड़ेंगे जीवन भर अनगिनत तनाव ,

सहना भी पड़ेगा बेकाबू हालातों का दबाव,


होगा अपने मशहूर नाम का हर जगह फैलाव,

फिर भी रखना होगा ज़मीन पे ही अपने पाँव।


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