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Rashi Saxena

Romance

3  

Rashi Saxena

Romance

वो

वो

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वो जो बस एक पल में ही

सबसे ख़ास हो गया

वो जिसकी हर पसंद

लाजवाब हो गई


वो जो इस बैरंग सी ज़िंदगी में

सबसे नया रंग बिखेर गया

हाँ वही जो रोने में भी

मुस्कुराने की वजह बन गया


क्या कहें की अब वो

क्या से क्या बन गया

जिसपे हारा दिल अपना

वो अब दुनिया जीतने चल दिया


वो जो गुज़र गया हवा सा 

तूफ़ान का सा मंजर छोड़ गया

टूटे हैं ख़्वाब, उजड़े हैं हौंसले अभी

पर फिर भी है दिल की

हसरत यही 


वो सब जो वो चाहे मिले उसे

छूने को सपनों का आसमान

लग जाये उसे पंख

भरे वो उड़ान


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