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Rashi Saxena

Inspirational

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Rashi Saxena

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यादों के झरोखे

यादों के झरोखे

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अतीत के झरोखे बंद कर रखें हैं

मैंने बड़े जतन से ,

रोक रखा है एक तूफ़ान मैंने


अतीत पूरे ज़ोर से आना चाहता

मरे वर्तमान पे 

होना चाहता है हावी मेरे सारे

प्रयासों को मिटाने को 


जो सब भूल आगे बड़ी है

लहर समय की

वापस उसे लौटाने को 


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