STORYMIRROR

Shelly Gupta

Abstract

2  

Shelly Gupta

Abstract

वो निरंकुश सी स्त्रियां....

वो निरंकुश सी स्त्रियां....

1 min
56

अक्सर स्त्रियों को नहीं पसंद आती

वो निरंकुश सी स्त्रियां...


जो जी लेती हैं जिंदगी

अपनी इच्छा के मुताबिक,

जो बिना किसी का इंतजार किए

भूख लगने पर खाना खा लेती हैं

और बग़ैर आस पास देखे भाले

हंस देती हैं हंसनेवाली बात पे....


नहीं पसंद आता जब वो,

कह देती हैं अपने मन की बात

बिना किसी संकोच के,

और राय भी देती हैं

अपने घर के मामलों में,

जिन्हें गलत को गलत बोलना आता है

और जो चुप नहीं बैठती

संस्कारों की दुहाई देने वालों के सामने....


लेकिन उन पसंद ना करने वालों की

चाह होती है कि बने उनकी बेटियां भी

उस निरंकुश की तरह ही

और जी सके ज़िन्दगी

जो वो ना कर सकी थीं

तब उन्हें नज़र आती हैं आदर्श

वो निरंकुश सी स्त्रियां।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract