वो मोहब्बत है
वो मोहब्बत है
वो मोहब्बत है आज पछतावे का नहीं
मास्क पहनना भूल गई है तो
चश्मा उतारने की जरुरत नहीं l
वो मोहब्बत है आज बहकने का नहीं
ब्यूटी पार्लर से हो आई है तो छूने का नहीं l
वो मोहब्बत है कहती है तो
आज मोबाइल देने का नहीं
बरखुरदार देख ! रीचार्ज चक्कर में
कोई ओर से कोरोना बाँटने आई तो नहीं l
वो मोहब्बत है डॉक्टर-जवान नहीं
करीब भनक पड़ी तो सेनिटेजर
निकाल क़यामत से आज भिड़ने का नहीं l
अंत में शादीशुदा मर्दों के लिए,
वो मोहब्बत है मुझे मंजिल समझ रखी है
एक रात से गुज़रने की चक्कर में
हर रात मुझे सुहाग समझ रखी है।
