STORYMIRROR

Kawaljeet GILL

Abstract Classics

4  

Kawaljeet GILL

Abstract Classics

वो जो बीत गया

वो जो बीत गया

1 min
258

वो जो बीत गया सो बीत गया

वो गुजरा हुआ वक्त था

कहते है सब कि गुजरा वक्त लौट 

कर नहीं आता


पर प्यार कभी गुजरा हुआ वक्त नही होता,

उसके लौट कर आने की उम्मीद ना छोड़ो,

गर यकीन है सच्चा प्यार है सच्चा तो

लौट कर आएगा एक रोज,

पतझड़ का मौसम कभी ठहरता नहीं


बहारों को जीवन मे आना ही पड़ता है,

जिंदगी की ये ही रीत है कभी हार तो 

कभी जीत है,

कभी गमो से दामन भरा होता है तो 

कभी खुशिओं से चेहरा खिला होता है,

कभी गम ना करना बन्दे ईश्वर ये ही कहते हैं,

मुझको सबके साथ है न्याय करना,


आज जो तेरा है कल किसी और का होगा,

मेरे न्याय पर तु कभी शक ना करना कभी अफसोस 

ना करना,

वक्त बदलते देर नहीं लगती जाने कब छप्पड़ 

फाड़ कर तेरे आंगन खुशियां आ जाये।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract