STORYMIRROR

kavita Chouhan

Inspirational

4  

kavita Chouhan

Inspirational

वो इक नदी सी

वो इक नदी सी

1 min
328


वो इक नदी सी अल्हड़

इक हिरनी सी चंचल

सहज सी कभी प्रमुदित

प्रखर किरणों संग उदित

कभी सरल कहीं निरुपम

उपहार इक अनुपम

चित मनोरमय एवं सुगम

काया कोमल मृदुल

प्रेम,करुणा का सागर

रक्तिम कभी उज्ज्वल

ढली जब नए परिवेश

अवतरणिका विशेष

वामा,भगिनी तनुजा

रूप निरन्तर नवीन

माँ कभी पथप्रदर्शक

अनुगामिनी पिया संग

जानकी,अहिल्या,मनु

अतुलनीय योगदान

नारी शक्ति इक महान

इनसे वतन की शान।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational