✍️ वो एक ईमानदार था ✍️-( 42 )
✍️ वो एक ईमानदार था ✍️-( 42 )
वो एक ईमानदार ,
पुलिस अधिकारी था,
जो टॉप-टेन में सम्मनित था,
जिसकी "सिंघम"की उपाधि थी,
अपराधियों में उसका ख़ौफ था,
अपराध के कांटे हटाना
उसका मकसद था,
वो एक निडर-ईमानदार ऑफिसर था,
शायद इसीलिए........,
वो गंदी राजनीति का शिकार हो गया,
वो कर न सका होगा
अपनी ज़मीर का सौदा,
क्योंकि उसने
जॉयनिग के वक्त खाई थी कसम कि
मैं पूर्ण ईमानदारी से
अपने कर्तव्य का पालन करूँगा,
इसी विश्वास के साथ
अपने कर्तव्य पथ पर डटा रहा होगा,
इसीलिये
अपने ज़मीर का सौदा कर न सका होगा,
कैसे करता वो अपनी "वर्दी"के साथ धोखा ?
इसिलए उसने यह कदम उठाया होगा
भृष्ट समाज और गंदी सियासत का वो भेट चढ़ गया,
अपना स्वभिमान बचने को ,
फांसी के फंदे से जुल गया,
सबके मन में
खड़ा कर गया एक सवाल ?
ये आत्महत्या थी या हत्या हुई थी ?
क्योंकि वो जनता के लिए भगवान था,
अमन और शांति का देवता था !
