STORYMIRROR

संजय असवाल "नूतन"

Inspirational

4  

संजय असवाल "नूतन"

Inspirational

वक्त....!!!

वक्त....!!!

1 min
228

वक्त बड़ा बेरहम होता है

कब हाथों से फिसल जाए 

पता नहीं चलता है, 

वक्त सदा एक सा हो 

ये भी नही होता है 

वक्त खुदब खुद

खुद को बदल देता है,

वक्त के साथ चलोगे तो

साथ चलेगा 

वक्त से जुदा हुए 

तो तन्हा छोड़ देता,

वक्त एक जुआ है

खेलना सभी को पड़ता है 

दांव सही लगा

तो जिंदगी का मजा देता है 

दांव उलटा तो सजा भी देता है,

वक्त बड़ा मनमौजी है

मन का करता है 

किसी का मोहताज नहीं 

बस अपनी सुनता है,

वक्त की उंगली थामे चलो 

हर किसी का वक्त बदल देता है

अनसुना जो किया तो 

वक्त सितम ढा देता है,

वक्त हर वक्त का मौसम होता है

हंसता है हंसाता है

बेवक्त बेरहम रुलाता है,

वक्त के आईने में सब एक जैसे हैं

ना कोई बड़ा ना छोटा कोई

वो रंक को राजा तो

राजाओं को भिखारी बना देता है,

वक्त की कद्र हो

तो ये किरदार बड़ा कर देता है

बेकद्री में पर्दे से 

किरदार बदल देता है,

वक्त हवा का झोंका है

संग बहना होता है

नही तो पतझड़ में पत्ते सा 

टूटकर गिरना होता है,

वक्त अच्छा और बुरा होता है

कभी खुशी,कभी आंसू और 

कभी दर्द देता है

वक्त हर जख्म को 

वक्त आने पर भर भी देता है,

सच....!

वक्त बड़ा बलवान होता है...!!!



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational