Ragini Singh
Drama Romance
हमारी दूरियों में बस, यह आंसू ही मेरे करीब है,
इनके बहने की वजह तुम हो,
हमारी यादों में बस यह दर्द मेरे करीब है,
इसे सहने की वजह तुम हो,
भरी महफिल में भी मैं अकेला सा रहता हूं,
मेरे अकेले रहने की वजह तुम हो।
सच्चाई !
नया मैं
बदल गए तुम !!
" नीलाम हो गए...
वजह तुम हो !
दिक्कत हो जात...
हिंदुस्तान जि...
आतंकवादियों द्वारा हमला किया जा रहा है। जो धर्म के नाम पर मारते और नष्ट करते हैं। आतंकवादियों द्वारा हमला किया जा रहा है। जो धर्म के नाम पर मारते और नष्ट करते...
एक शिक्षक का काम छात्रों को अपने आप में जीवन शक्ति देखना सिखाना है, एक शिक्षक का काम छात्रों को अपने आप में जीवन शक्ति देखना सिखाना है,
कि चले जाओ वही जहाँ ये रूह-ए-एहसास, अब रहती नहीं। कि चले जाओ वही जहाँ ये रूह-ए-एहसास, अब रहती नहीं।
फिर तुम्हीं कहो इसका भविष्य क्या होता ? फिर तुम्हीं कहो इसका भविष्य क्या होता ?
इसीलिए तो वह मेरी बेटी भी है और माँ भी। इसीलिए तो वह मेरी बेटी भी है और माँ भी।
किसी को प्रेम लिप्त करा दे, और परलोक भिजवा देता पैसा। किसी को प्रेम लिप्त करा दे, और परलोक भिजवा देता पैसा।
अगर तुम्हारे मन में आये कभी कोई प्रश्न तो पूछना इस जहां के लोगों से. अगर तुम्हारे मन में आये कभी कोई प्रश्न तो पूछना इस जहां के लोगों से.
नृत्य तुम्हारी नाड़ी है, तुम्हारी धड़कन है, तुम्हारी श्वास है, यह आपके जीवन की लय है नृत्य तुम्हारी नाड़ी है, तुम्हारी धड़कन है, तुम्हारी श्वास है, यह आपके जीवन ...
जा एकांत में छोड़ मुझे अभी चला जा, जा एकांत में छोड़ मुझे अभी चला जा।। जा एकांत में छोड़ मुझे अभी चला जा, जा एकांत में छोड़ मुझे अभी चला जा।।
और यही सोच रही है कि कितना कुछ पकाया मैंने इस आंच में। और यही सोच रही है कि कितना कुछ पकाया मैंने इस आंच में।
अम्मा क्या गई, कुछ दिनों के वास्ते अपनी अम्मा के घर ! अम्मा क्या गई, कुछ दिनों के वास्ते अपनी अम्मा के घर !
रोचक शास्त्र मैं वर्तमान की वार्ता कहता हूँ रोचक शास्त्र मैं वर्तमान की वार्ता कहता हूँ
वह भोर के तारे से अधिक गोरा, और चन्द्रमा से भी अधिक सफेद है, वह भोर के तारे से अधिक गोरा, और चन्द्रमा से भी अधिक सफेद है,
इस द्रौपदी की गिरधारी तक काहे ना पहुंचे पुकार है, इस द्रौपदी की गिरधारी तक काहे ना पहुंचे पुकार है,
यद्यपि गाँव की शीतलता बहुत भाती है, पर शिथिलता यहाँ की अखरती है, यद्यपि गाँव की शीतलता बहुत भाती है, पर शिथिलता यहाँ की अखरती है,
आखिर तुमने भी नारायण अपनी भू देवी को पहचान कर की ही चुना होगा आखिर तुमने भी नारायण अपनी भू देवी को पहचान कर की ही चुना होगा
बड़ी भाती थी मुझे माँ और बच्चों की गतिविधियां जैसे मेरी जुड़ चुकी थी उनसे रिश्तेदारियां बड़ी भाती थी मुझे माँ और बच्चों की गतिविधियां जैसे मेरी जुड़ चुकी थी उनसे रिश्त...
इस बिना शस्त्र के युद्ध में कितने अपने चले गए इस बिना शस्त्र के युद्ध में कितने अपने चले गए
नरसंहार का मतलब सिर्फ सामूहिक हत्या नहीं है, विनाश के स्तर तक, नरसंहार का मतलब सिर्फ सामूहिक हत्या नहीं है, विनाश के स्तर तक,