STORYMIRROR

Manish Kumar Srivastava

Inspirational

4  

Manish Kumar Srivastava

Inspirational

विश्व विजय ,तेरा अभिन्नदन, मस्तक चंदन

विश्व विजय ,तेरा अभिन्नदन, मस्तक चंदन

1 min
271

हाथों में बंधी

दासता की जंजीरें

जीवों की मृत्यु


मनुजता पे धब्बा

पैरों में पड़ी 

कलंक की बेड़ियाँ

दुःखद चित्र


जीवन का यह है

संघर्ष धुन

जीवन का विकास

चल उठ जा 


विरोध की ज्वाला ले

तोड़ आज तू

सारे जग बंधन

आजादी धुन


मंगलमय वादन

विश्व विजय

तेरा अभिन्नदन

मस्तक पे चंदन।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational