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ANANDAKRISHNAN EDACHERI

Inspirational

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ANANDAKRISHNAN EDACHERI

Inspirational

विश्व राज़

विश्व राज़

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लाल गोल सूर्य शाम

अस्न गिरि चूमता ।

जलधि रात भी सदा

शुभ्र लहर फेंकता ।


तीव्र झोंके से पवन ,

नीड़ को भी तोड़ता ।

अनन्त शक्ति विश्व का 

रहस्य है यह क्या रहा !


जंगलों के भीतिमय

अंतराल को भेदकर

झींगुरों की शोर से ,

झनकने का अर्थ क्या ?

 

अचल अटल शीश से

शुद्ध नीर उतारकर

कालचक्र जीतकर 

गिरिपहाड़ क्यों खडा 


नील विशद गगन से

गडगडाकर मेघजाल 

पृथ्वीतल के जीव को

 नित्य डराता है क्यों ? 


सचेत बलवान मानव हो

पंख बिछाती मोरनी हो

विश्व राज्य में बेफ़िक्रे

विराजने का राज़ क्या !


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