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Joyti Shihora

Classics

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Joyti Shihora

Classics

विरह का उत्सव

विरह का उत्सव

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उत्सव होगा तुम्हरा विरह मेरे लिए !

बिखरेंगी बनकर गुलाल 


तुम्हारी स्मृतियां मेरे मन के आँगन में 

गूँज उठेगा बनकर मधुर गीत मेरा क्रंदन 


नाचेंगे अश्रु इस गीत की धून पर 

इस बार हम फागुन कुछ यूं मनाएंगे 


प्रेम के रंग में रंगा ह्रदय !

विरह रंगों से सजा आंगन

व्याकुल होगा तुम्हारे पदचिन्ह के लिए !


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