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SOUBHAGYABATI GIRI

Inspirational

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SOUBHAGYABATI GIRI

Inspirational

वीर हूँ मैं

वीर हूँ मैं

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मुझे कायर मत समझो

मे कायर नहीं हूँ

वीर हूँ मैं

जन्मभूमी की सुरक्षा के लिए

मेरी जान क़ुर्बान 

मैं भी बार्डर पर जाउँगा

प्यारे भारत कि सेवा करुँगा

हर पल उसकी चरण वंदना करुँगा

मैं जलता रहूँगा

तड़पता रहूँगा

पर मेरी देशमातृका को सुरक्षा दूँगा

मैं लड़ाई करुँगा

दुश्मनों को दूर भगाऊँगा

वो पापीओं की नींद उड़ाऊँगा

जब तक मेरी सांस है तब तक लड़ाई करुँगा

अगर जरुरत पड़े तो जान भी दे दूँगा

फिर तिरंगा ओढ़ कर सो जाउँगा



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