STORYMIRROR

SOUBHAGYABATI GIRI

Inspirational

2  

SOUBHAGYABATI GIRI

Inspirational

वीर हूँ मैं

वीर हूँ मैं

1 min
70

मुझे कायर मत समझो

मे कायर नहीं हूँ

वीर हूँ मैं

जन्मभूमी की सुरक्षा के लिए

मेरी जान क़ुर्बान 

मैं भी बार्डर पर जाउँगा

प्यारे भारत कि सेवा करुँगा

हर पल उसकी चरण वंदना करुँगा

मैं जलता रहूँगा

तड़पता रहूँगा

पर मेरी देशमातृका को सुरक्षा दूँगा

मैं लड़ाई करुँगा

दुश्मनों को दूर भगाऊँगा

वो पापीओं की नींद उड़ाऊँगा

जब तक मेरी सांस है तब तक लड़ाई करुँगा

अगर जरुरत पड़े तो जान भी दे दूँगा

फिर तिरंगा ओढ़ कर सो जाउँगा



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Inspirational