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Neerja Sharma

Abstract

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Neerja Sharma

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विचार

विचार

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नकारात्मक विचार 

है घिनौना अभिशाप

दूषित कर हर बार 

उत्तम को भी देता ताप

पछतावे के सिवा 

कुछ न आता हाथ।


सकारात्मक सोच भी 

लगती डगमगाने 

नकारात्मक के प्रभाव

लगते रंग दिखाने 

कुछ भी स्पष्ट सुझाई नहीं देता 

बुरे विचार लगते कुलबुलाने।


एक पेड़ से बनती हैं तीलियाँ

एक तीली से जल जाते हैं पेड़

कुछ ऐसी ही कहानी है

यारो दिमाग की  

नकारात्मकता का कीड़ा।


न पनमने दो मन में

सकारात्मकता को दो पनाह मन में

विचार स्वयं ही शुद्ध हो जाएँगे

खुशी फिर हर घर आँगन में फैलाएँगे।


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