STORYMIRROR

JIGYASA SINGH

Action Inspirational

4  

JIGYASA SINGH

Action Inspirational

वायु योद्धा

वायु योद्धा

1 min
141

सूरज की उगती सुनहरी किरणों के साथ वायु की लहरों पे सवार निकल पड़ते हैं वायु-योद्धा हर सुबहअपने मिशन पर।

नील गगन में देश की रक्षा के लियेजान हथेली पे ले घूमते आसमान की ऊँचाइयाँ चूमतेतैयार हर पल शत्रु को परास्त करने उड़ते रहते भारत के अंबर पर।

अपने तन पर एक वायुयान लपेटेसैकड़ों गोलियाँ उस में समेटेबॉम्ब रॉकेट्स और अनेकों मिसाइलेंशत्रु दिखे तो उसे दहला दें।

पीछे छोड़ देते अपना परिवार

उनकी हंसी बच्चे के आँसूहर उड़ान में। 

हर उस पल जब हों 

आसमान में 

बस वतन की रक्षा 

है ये जज़्बा 

बाकी कोई जज़्बात नहीं 

वक़्त आने पे बन जाते हैं शत्रु के लिये"आसमानी मौत"।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

More hindi poem from JIGYASA SINGH

Similar hindi poem from Action